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क्या सोयाबीन खाने से हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर ? रिसर्च क्या कहती है, जानें

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शायद कोई अन्य प्लांट बेस्ड फूड नहीं है जो सोया से अधिक विवादास्पद हो। सोया को आजकल सुपरफ़ूड भी कहा जाता है। लेकिन बहुत से लोगों ने सोया को अपने आहार से दूर कर दिया है, इस डर से कि यह स्तन कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है, थायराइड फंग्शन में बाधा आ सकती है, जबकि अन्य लोग सोया को स्वास्थ्य भोजन के रूप में अपनाते हैं।

सोया क्या है?

सोयाबीन एक प्रकार की फलियां हैं। इसको इंसानो ने कम से कम 7,000 साल से उगाया और खाया है। पोषक तत्वों से भरपूर भोजन, सोयाबीन फाइबर, प्रोटीन, बी विटामिन, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होता है।

सोयाबीन का इस्तेमाल

सोयाबीन का इस्तेमाल

सोयाबीन का यूज कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाने के लिए किया जाता है, जिसमें स्वस्थ, प्रोसेस्ड फूड जैसे सोया दूध और टोफू से लेकर सोया तेल और प्रोटीन आइसोलेट्स जैसे कम-स्वस्थ एडिशन शामिल हैं। अपने विटामिन और मिनिरल के अलावा, सोयाबीन पॉलीफेनोल्स का एक नेचरल सोर्स है, एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट जो आपके शरीर को सेल डैमेज और हार्ट रिलेटेड प्रॉबलम्स जैसी स्थितियों से बचाने में मदद कर सकता है।

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है

कई अध्ययनों से पता चलता है कि सोया फूड प्रोडक्ट्स से भरपूर डाइट एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल को कम करने और एचडीएल (अच्छा) कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मदद कर सकता है। एक हालिया समीक्षा से पता चलता है कि प्रति दिन 25 ग्राम सोया प्रोटीन का औसत सेवन कुल और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को लगभग 3% तक कम करने में मदद कर सकता है।

दिल को बनाता है हेल्दी

सोया सहित फलियों से भरपूर आहार आपके हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोया आइसोफ्लेवोन्स ब्लड वेसेल में सूजन को कम करने और उनमें सुधार करने में मदद कर सकते हैं।
ब्लड प्रेशर को करता है कम

ब्लड प्रेशर को करता है कम

सोयाबीन और उनसे बने खाद्य पदार्थ आम तौर पर आर्जिनिन से भरपूर होते हैं, एक एमिनो एसिड माना जाता है जो रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। सोयाबीन भी isoflavones में समृद्ध हैं, एक अन्य यौगिक जो रक्तचाप को कम करने वाले लाभ प्रदान करने के लिए माना जाता है। एक अध्ययन में, 1/2 कप (43 ग्राम) सोया नट्स रोजाना खाने से डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर (ब्लड प्रेशर रीडिंग की सबसे कम संख्या) को लगभग 8% कम पाया गया, लेकिन सभी महिलाओं में नहीं। अन्य अध्ययन हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में 65-153 मिलीग्राम सोया आइसोफ्लेवोन्स के डेली यूज को 3-6 मिमी एचजी के ब्लड प्रेशर में कमी से जोड़ते हैं।

ब्लड शुगर को कम कर सकता है

ब्लड शुगर को कम कर सकता है

17 रेंडम रिसर्च समेत एक समीक्षा से पता चलता है कि सोया आइसोफ्लेवोन्स रजोनिवृत्त महिलाओं में रक्त शर्करा और इंसुलिन के स्तर को थोड़ा कम करने में मदद कर सकता है। सोया आइसोफ्लेवोन्स भी इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद कर सकता है, एक ऐसी स्थिति जिसमें कोशिकाएं अब सामान्य रूप से इंसुलिन का जवाब नहीं देती हैं। समय के साथ, इंसुलिन प्रतिरोध के परिणामस्वरूप हाई ब्लड शुगर का स्तर हो सकता है और टाइप 2 मधुमेह हो सकता है।

प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकते हैं

प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकते हैं

कुछ शोध बताते हैं कि सोया युक्त आहार खाने वाली महिलाओं को बेहतर प्रजनन क्षमता से फायदा हो सकता है। एक अध्ययन में पता चलता है कि , सोया आइसोफ्लेवोन्स के उच्च सेवन वाली महिलाओं में कम सोया आइसोफ्लेवोन सेवन वाली महिलाओं की तुलना में प्रजनन उपचार के बाद जन्म देने की संभावना 1.3-1.8 गुना अधिक थी।

सोया और कैंसर

सोया और कैंसर

सोया के बारे में शोध से पता चलता है कि ये महिलाओं में स्तन कैंसर की आशंका कम करता है। सोया कैंसर के खतरे को नहीं बढ़ाता है, और ये वास्तव में कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम कर सकता है। अमरीका की टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफ़ेसर फैंग फैंग झैंग ने ब्रेस्ट कैंसर को झेल रही 6 हज़ार अमरीकी महिलाओं पर रिसर्च की। इस रिसर्च के मुताबिक, अगर ब्रेस्ट कैंसर की शिकार महिलाएं अपने खान-पान में सोया का यूज करती हैं तो उनके इससे मरने की आशंका 21 प्रतिशत तक कम हो जाती है। 2018 के एक मेटा-ऐनालिस्ट ने सोया सेवन और प्रोस्टेट कैंसर पर उपलब्ध शोध की समीक्षा की और पाया कि सोया खाद्य पदार्थ खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा काफी कम था। 2009 के एक अध्ययन में पाया गया कि, कम से कम सोया खाद्य पदार्थ खाने वाले पुरुषों की तुलना में, सबसे अधिक सोया खाने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम 26% कम था।

लोग क्यों सोचते हैं कि सोया स्तन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है?

लोग क्यों सोचते हैं कि सोया स्तन कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है?

सोया के बारे में सबसे बड़ा मिथक ये है कि यह स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। ये चिंताएं दो कमेंट से निकली हैं। पहला ये कि सोया आइसोफ्लेवोन्स का एक विशिष्ट समृद्ध स्रोत है, प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पौधे के भाग जिन्हें फाइटोएस्ट्रोजेन या प्लांट एस्ट्रोजेन के रूप में क्लासीफाइड किया जाता है। दूसरे, एक माउस मॉडल में, आइसोफ्लेवोन्स ने ट्यूमर के विकास को प्रेरित किया जो हार्मोन एस्ट्रोजन का जवाब देते हैं। उस खोज ने कुछ लोगों को ये विश्वास दिलाया कि सोया के सेवन से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

थायरॉयड के फंग्शन-

टेस्ट-ट्यूब और जानवरों के रिसर्च से पता चलता है कि सोया में पाए जाने वाले कुछ यौगिक थायरॉयड ग्रंथि के कार्य को कम कर सकते हैं। फिर भी, अध्ययनों में बहुत कम या कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं मिलता है, विशेष रूप से स्वस्थ थायराइड फंग्शन वाले मनुष्यों में।

पुरुषों में स्त्रीगुण प्रभाव-

कुछ लोग चिंता करते हैं कि सोया आइसोफ्लेवोन्स पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के प्रोडक्शन को कम कर सकता है। हालांकि, ह्यूमन रिसर्च दोनों के बीच एक कमजोर कड़ी पाते हैं।

सोयाबीन न्यूट्रिशन से भरपूर

सोयाबीन न्यूट्रिशन से भरपूर

सोयाबीन न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। कम से कम प्रोसेस्ड सोया फूड प्रोडक्ट में समृद्ध आहार कई हेल्थ बेनिफिट्स प्रदान कर सकते हैं, जिसमें बेहतर हार्ट रिलेटेड, कम मेनोपॉज के लक्षण और कुछ कैंसर का कम जोखिम शामिल है।

English summary

Is soybean unhealthy for you, know in detail in hindi

Soybeans are a type of legume. It has been grown and eaten by humans for at least 7,000 years. A nutrient-rich food, soybeans are rich in fiber, protein, B vitamins, magnesium and potassium. Soybeans are used to make a variety of products, from healthy, processed foods such as soy milk and tofu to less-healthy additions such as soy oil and protein isolates. In addition to its vitamins and minerals, soybeans are a natural source of polyphenols, a type of antioxidant that can help protect your body from conditions like cell damage and heart-related problems.
Story first published: [IST]
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