Latest Updates
-
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम
छत्तीसगढ़ के इस पारंपारिक डिश को खाने से दूर रहती है गर्मी-लू, बोरे-बासी पर विदेशों में भी हो चुका है शोध
छत्तीसगढ़ के लोग गर्मियों से बचने के लिए बोरे और बासी खाते हैं। छतीसगढ़ के लोग अपने इस पारंपरिक भोजन बोरे-बासी को खूब चाव से खाते हैं, ये गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने का काम करता है। इसे बंगाल में पंता भट, ओडिशा में पखला और असम में पोइता भट भी कहा जाता है। दरअसल, ताजा भात यानी चावल को जब पानी में डुबोकर खाया जाता है तो उसे बोरे कहते हैं। इसे दूसरे दिन खाने पर यह बासी कहलाता है। फिर इसे आम या नींबू का अचार, प्याज और हरी मिर्च, दही या मठ्ठा डालकर, भाजी, रखिया बड़ी, मसूर दाल की सब्जी, रात की बची अरहर दाल, कढ़ी या बिजौरी के संग खाया जाता है। आइए जानते हैं क्या होता है बोरे और बासी, इसे खाने से क्या होते हैं फायदे ?

गर्मी में शरीर को रखें ठंडा
गर्मी के दिनों में बोरे बासी शरीर को ठंडा रखता है। पाचन शक्ति बढ़ाता है। त्वचा की कोमलता और वजन संतुलित रखने में मदद करता है इसमें सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। छत्तीसगढ़िया व्यंजन बोरे और बासी सिर्फ खाने में ही जायकेदार नहीं होते हैं, बल्कि इसे खाने से प्यास खूब लगती है और ज्यादा पानी पीने से डि-हाइड्रेशन जैसी समस्या नहीं होती है। इसे खाने के बाद काम पर जाने के बाद शरीर का ताप नियंत्रित रहता है, जिसकी वजह से पड़ने वाली गर्मी और लू का इफेक्ट नहीं पड़ता है। इसे खाने से नींद भी अच्छी आती है जिससे काम करने वाले लोगों की थकान मिट जाती है।

बोरे और बासी पर शोध हो चुका है
बता दें कि बोरे और बासी पर अमेरिका में हुए शोध में पाया गया कि इसे खाने से डी-हाइड्रेशन और बीपी कंट्रोल में रहता है। इस भोजन में आयरन, पोटैशियम, विटामिन बी-12, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो गर्मी के मौसम में शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं।जिससे इसे खाने से हमारी थकान दूर हो जाती है। छत्तीसगढ़ के अलावा इस व्यंजन को दक्षिण भारत के कई राज्यों में खाया जाता है।

सीएम बघेल ने की अपील
यही कारण है कि मजदूर दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बोरे और बासी की विशेषता ट्ववीट करते हुए बताया है कि इसे गर्मी के दिनों में खाने से शरीर ठंडा रहता है और पाचन शक्ति मजबूत होती है। सीएम बघेल ने लोगों से इसे खाने का आग्रह किया।

बोरे और बासी
इसे तैयार करने के लिए चावल को अच्छे से धोकर है उबाल लेंगे। एक कटोरी में 1/2 कटोरी पके हुए चावल निकाले उसमें उसमें आधा कटोरी पानी डालें स्वाद अनुसार नमक डालें दो चम्मच दही डालकर अच्छे से चला लें। उसमें 3-4 करी पत्ते और थोड़ी हरी धनिया को बारीक बारीक काटकर डाल लें।
एक बर्तन में तेल गर्म करके उसमें राई सूखी हुई लाल मिर्च के तीन चार टुकड़े करके और करी पत्ते डालकर भात में तड़का लगा देंगे। हमारा पखाल भात बनकर तैयार है इसे सब्जी और सलाद के साथ सर्व करें। हां, और इसके साथ कच्चे प्याज जरूर खाए तो स्वाद और बढ़ जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications