Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
बढ़ते वजन, भूख और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करेगा गोलो डाइट
लोग बढ़ते वजन को नियंत्रण में रखने के लिए डाइटिंग का सहारा लेते हैं। डाइटिंग के नाम पर फिलहाल आपने वेगन और कीटो डाइट के बारे में सुना होगा। मगर आज हम आपको गोलो डाइट के बारे में बता रहे हैं। शारीरिक ही नहीं बल्कि दिमाग के लिए भी गोलो डाइट काफी फायदेमंद है। गोलो डाइट में कैलोरी को नियंत्रित करके शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर किया जाता है।

गोलो डाइट का शरीर पर प्रभाव
गोलो डाइट में इंसुलिन और ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखकर आपकी भूख, वजन और मेटाबॉलिज्म को मैनेज किया जाता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो जब इंसुलिन आपकी कोशिकाओं को ऊर्जा देने का काम नहीं कर रही होती है तब चीनी आपके रक्त में ही रहती है और इसकी वजह से बॉडी में एक्स्ट्रा फैट इकट्ठा हो जाता है। इस डाइट के तहत खून में शर्करा और इंसुलिन के लेवल को सही रखने पर जोर दिया जाता है। इस तरह आप शरीर की ऊर्जा का सही ढंग से उपयोग कर सकेंगे।

क्या है गोलो डाइट (GOLO Diet)
गोलो डाइट अलग अलग तरह के खाद्य पदार्थों का मिश्रण है। इसमें मीट, सब्जियां और उन फलों को शामिल किया जाता है जो आसानी से मिल जाते हैं। इस डाइट के तहत आपको प्रोटीन, कार्ब्स, फैट का कॉम्बो लेना होगा। आपको ऐसी डाइट बनानी होगी जो आपके शुगर को स्थिर रखे और आपकी भूख भी शांत करे। उदाहरण के लिए आप सुबह नाश्ते में दो अंडे (प्रोटीन के दो यूनिट), एक टोस्ट (कार्ब का एक यूनिट), मक्खन (फैट का एक यूनिट) और एक मौसमी फल (कार्ब का दूसरा यूनिट) खा सकते हैं।

गोलो डाइट में क्या क्या कर सकते हैं शामिल
गोलो डाइट के तहत आपको प्रोटीन, कार्ब्स, स्वस्थ वसा और सब्जियां आदि शामिल करनी चाहिए। आप पैकेट फूड, चीनी, अन्य तरह की मीठी चीजें, प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें।
खाने में चिकन, सी-फूड, डेयरी, नट, बीज, अंडे, दाल, हरी फलियां, आसानी से मिलने वाली हरी सब्जियों की अलग अलग वैराएटी को शामिल करें। आप स्टार्च के लिए आलू, पत्तेदार साग, और हर दिन एक फल को भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

गोलो डाइट प्लान
नाश्ताः ऑमलेट, उबले हुए अंडे, ब्रोकली, उबले हुए पालक, टोस्ट, मक्खन, बादाम, ब्लू बैरी, सेब, ओट्स
लंचः ग्रील चिकन, टूना सलाद, पालक, मिक्स वेजिटेबल सलाद, फ्रूट सलाद
डिनरः ब्रोकली, अखरोट, चिकन ब्रेस्ट, शकरकंदी, गाजर



Click it and Unblock the Notifications
