एंटीऑक्‍सीडेंट्स का पावरहाउस हैं सफेद शहद, जानें इसे खाने के फायदे और नुकसान

बाजार में शहद के कई प्रकार मिलते हैं जिनमें कई तरह के एंजाइम्‍स और न्‍यूट्रीशियन शामिल होते हैं जो स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए फायदेमंद होते है। शहद का इस्‍तेमाल सदियों से औषधि के रुप में होता आ रहा हैं। ये खाने में नेचुरल स्‍वीटनर की तरह होता है जो गले के दर्द को राहत देने के साथ ही इम्‍यून‍िटी बूस्‍टर की तरह ही काम करता हैं।

शहद का रंग, स्‍वाद और कलर इस बात पर निर्भर करता हैं क‍ि शहद कहां से इक्‍ट्ठा किया गया हैं। इसके अलावा अलग-अलग फूलों के रस पर भी शहद का प्रकार निर्भर करता हैं। अभी तक तो आपने बाजार में मिलने वाला गहरे रंग का शहद देखा होगा लेकिन क्‍या आपने सफेद रंग का शहद चखा हैं। जी हां, शहद भी कई प्रकार के होते हैं उनमे से एक सफेद रंग का शहद होता हैं। आइए जानते हैं क‍ि क्‍या होता है सफेद रंग का सफेद।

क्‍या होता है सफेद शहद?

क्‍या होता है सफेद शहद?

Image Credit: indiamart

सफेद शहद क्या हैं- जैसा कि नाम से प्रतीत होता हैं कि शहद का रंग सफेद होता हैं। लेकिन सफेद शहद रंग में बिल्कुल सफेद नहीं, बल्कि क्रीमी सफेद होता हैं। सफेद शहद गहरे रंग के शहद की तुलना में ज्‍यादा स्‍वादिष्‍ट और सेहतमंद होता हैं। इसे कच्‍चे शहद के रूप में भी जाना जाता हैं। कहा जा सकता हैं कि सफेद शहद सीधे मधुमख्‍खी के छत्ते से आता है। इसे शहद को निकालने में किसी हीटिंग प्रक्रिया का इस्‍तेमाल नहीं होता। हीटिंग प्रक्रिया कुछ लाभकारी एंटीऑक्सिडेंट और बैक्टीरिया खत्‍म हो जाते हैं, जिस वजह से गहरे रंग के शहद की तुलना में सफेद शहद को ज्‍यादा लाभकारी माना जाता हैं। इसके अलावा, सफेद शहद हर मौसम और हर फूल से प्राप्‍त नहीं होता है। सफेद शहद का उत्पादन करने वाले फूलों में शामिल हैं सेज, अल्फाल्फा और सफेद तिपतिया घास।

एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस है

एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस है

सफेद शहद में फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक नामक यौगिक और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। यह एंटीऑक्सिडेंट आपके शरीर को फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करते हैं और कोशिका क्षति से बचाने में मदद करते हैं। फ्री रेडिकल्‍स उम्र बढ़ने की प्रक्रिया में योगदान करते हैं और कैंसर व हृदय रोग जैसी स्थितियों के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं।

खांसी से राहत

खांसी से राहत

शहद को कफ-खांसी के लिए काफी समय से दवा के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह गले में खराश को दूर करने और खांसी से राहत पाने में मदद करता है। इसके लिए आप नींबू के साथ गर्म चाय में शहद डालकर पिएं या फिर आप गर्म पानी के साथ शहद मिलाकर पिएं।

पाचन संबंधी समस्‍याओं के लिए

पाचन संबंधी समस्‍याओं के लिए

शहद आपको पाचन संबंधी मुद्दों जैसे कि दस्त और अल्सर के इलाज में भी मदद करता है। यह आपके पेट के स्वास्थ्य में सुधार करता है और इस प्रकार पाचन का समर्थन करता है। आप 1 से 2 चम्मच सफेद या कच्‍चे शहद को खाली पेट लें। इससे पेट दद्र में राहत मिलेगी और हीलिंग प्रक्रिया में मदद मिलेगी।

त्वचा और घाव भरने में सहायक

त्वचा और घाव भरने में सहायक

सफेद शहद में फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं। इस शहद का उपयोग त्वचा को सुंदर और त्‍वचा के घावों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। आप इसे सौंदर्य उत्पादों में एक घटक के रूप में भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सफेद शहद हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस को नष्‍ट कर सकता है।

सफेद शहद के नुकसान

सफेद शहद के नुकसान

सफेद शहद अपनी माइक्रोबियल सामग्री के कारण कुछ जोखिम रखता है। यह बोटुलिज़्म का कारण बन सकता है, जो एक गंभीर बीमारी है जो पैरालिसिस का कारण बन सकती है। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार का कच्चा, सफेद या अन्‍य शहद नहीं दिया जाना चाहिए और जिन लोगों में कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली है, उन्हें भी इसका कम सेवन करना चाहिए।

Story first published: Monday, January 13, 2020, 14:14 [IST]
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