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क्या पेन किलर से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा?
लगभग हर केमिकल मिश्रित दवाई शरीर के लिए नुकसानकारी है। यदि इससे कोई बीमारी होती है तो ये उस पूरे हिस्से हो ही खराब कर सकती हैं। इसलिए बहुत से लोग देर सवेर इन अंग्रेजी दवाइयों की बजाय होम्योपैथी दवाइयों का सेवन करते हैं या कोई थैरेपी लेते हैं।
यदि पेन किलर्स की बात करें तो ये भी शरीर के अंदर विपरीत प्रभाव डालते हैं। यदि कोई व्यक्ति डाइबिटीज़, हयपर-टेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल या किडनी की बीमारी से ग्रसित है तो ये पेन किलर्स विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं।

एक रिपोर्ट से पता चला है कि पेन किलर्स का ज्यादा सेवन हार्ट के लिए सही नहीं है, इनसे हार्ट अटैक का खतरा रहता है जिससे मौत भी हो सकती है।
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इस विषय पर अध्ययन करते हुये यू.एस. फूड एंड ड्रग एडमिन्सट्रेशन ने कहा कि नॉन- स्ट्रोडियल एंटी इंफलामेटरी ड्रग्स ऐसे ड्रग्स हैं जो कि एनाल्जिक (पेन किलर) और एंटी- पायरेटिक (बुखार को कम करना) का प्रभाव रखते हैं, इनसे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इनके सेवन के पहले सप्ताह में इसका खतरा ज्यादा रहता है और लंबे समय तक सेवन से भी यह खतरा बढ़ जाता है।
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दर्द निवारक और बुखार को कम करने वाली दवाइयों से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा सबसे पहले 2005 में यू.एस. एफडीए ने बताया और इन दवाइयों के लिए चेतावनी जारी की।
इसलिए यह सुझाव दिया जाता है कि यदि आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं और इस तरह की दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, चाहे डॉक्टर ने प्रिस्क्राइब किया है या नहीं आप डॉक्टर से एक बार सुझाव जरूर ले लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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