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होममेड या मार्केट का पनीर, किसमें होता है ज्यादा न्यूट्रिशियन, एक्सपर्ट से जानें
Homemade vs Packaged Paneer: पनीर भारतीय खाने का एक अहम हिस्सा है, खासकर उन लोगों के लिए जो मांस-मछली का सेवन नहीं करते। यह न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत भी है। मटर पनीर, पनीर टिक्का, पालक पनीर जैसी डिशेस में इसका इस्तेमाल आम है। लेकिन जब पनीर खरीदने की बात आती है, तो अक्सर लोगों के सामने यह सवाल आता है कि घर का बना पनीर या मार्केट वाला पनीर, कौन सा बेहतर है?
न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने इस विषय पर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने घर और मार्केट वाले पनीर के बीच अंतर और उनके फायदे स्पष्ट किए। उनका मानना है कि पनीर प्रोटीन से भरपूर होता है, लेकिन हर पनीर समान गुणवत्ता का नहीं होता। घर का बना पनीर कई मामलों में मार्केट वाले पनीर से बेहतर साबित होता है।

1. मिलावट और प्रिज़र्वेटिव्स
घर का पनीर सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कोई मिलावट नहीं होती। यह सिर्फ़ दूध और नींबू या सिरके के माध्यम से बनाया जाता है। वहीं, मार्केट में बिकने वाले पैक्ड पनीर में अक्सर प्रिज़र्वेटिव्स, स्टेबलाइज़र और कभी-कभी मिलावटी सामग्री शामिल होती है। इन प्रिज़र्वेटिव्स की वजह से पनीर का स्वाद लंबे समय तक बना रहता है, लेकिन स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ सकता है।
2. सोडियम की मात्रा
घर के पनीर में सोडियम की मात्रा कम होती है। इसके विपरीत, पैक्ड पनीर में अक्सर नमक मिलाया जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा हो सकता है और शरीर में पानी रुक सकता है। लो-सोडियम वाले पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है, और यह हृदय संबंधी रोगों के जोखिम को भी कम कर सकता है।
3. पोषक तत्वों की सुरक्षा
घर का पनीर पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ताजा पनीर में कैल्शियम और बी विटामिन पर्याप्त मात्रा में रहते हैं, जो हड्डियों और मेटाबॉलिज़्म के लिए आवश्यक हैं। पैक्ड पनीर में स्टोरेज और प्रोसेसिंग के कारण इन पोषक तत्वों की मात्रा घट सकती है। इसलिए, घर का पनीर बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए अधिक फायदेमंद है।
4. फैट और प्रोटीन की गुणवत्ता
घर के बने पनीर में बेहतर और हेल्दी फैट्स मौजूद होते हैं। कई ब्रांड्स अपने पैक्ड पनीर में दूध पाउडर या वेजिटेबल फैट मिलाकर लागत घटाते हैं, जिससे गुणवत्ता में कमी आती है। वहीं, घर का पनीर शुद्ध दूध से बनाया जाता है, इसलिए इसमें प्रोटीन और फैट की गुणवत्ता उच्च होती है। यह शरीर को आवश्यक पोषण देने में सक्षम होता है।
5. ताज़गी और पचने की क्षमता
घर का पनीर ताज़ा और आसानी से पचने वाला होता है। यह मुलायम होता है और पेट के लिए हल्का होता है। जबकि मार्केट वाला पनीर हफ्तों तक दुकानों में रखा जाता है और इसमें प्रोसेसिंग के कारण यह थोड़ा कठोर और कम पचने वाला हो सकता है। ताज़ा पनीर का सेवन न केवल पाचन के लिए बेहतर है बल्कि इसके स्वाद और खुशबू में भी अंतर महसूस किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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