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कहीं आप लीची के नाम पर शुगर सिरप का सेवन तो नहीं कर रहे हैं, ऐसे करे पहचान
लीची एक ऐसा फल है जो गर्मी और बारिश के मौसम में बाजार में देखने को मिलता है। ये बहुत ही रसीला और मिठास से भरा होता है, यही वजह है कि लोग इसे खाना खूब पसंद करते हैं। अगर आपको भी लीची खाना खूब पसंद हैं, तो जरा सम्भलकर।
क्योंकि अब लीची को भी कैमिकल की मदद से पकाया जा रहा है। लीची में फोलैट, विटामिन सी, विटामिन B6, पोटैशियम, मैग्निशियम, जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर को सेहतमंद रखते हैं। वहीं अगर आप मिलावटी लीची का सेवन करते हैं, तो इससे आपकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता हैं। आज हम कुछ ट्रिक्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप असली और नकली लीची में पहचान कर सकते हैं।

नकली लीची कैसे तैयार करते है?
लीची को सुंदर और लाल दिखाने के लिए कई खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। आपको बता दें कि हरी लीची यानी कच्ची लीची को लाल रंग के स्प्रे कलर से पेंट करके पकी हुई दिखाकर बेचा जा रहा है। इसके अलावा लीची को मीठा बनाने के लिए इसमें छोटे-छोटे छेद करके शुगर सिरप भरा जाता है और फिर इन्हें असली के नाम पर बेचा जा रहा है।
ऐसे करें असली और नकली की पहचान
आकार से पहचाने
बाजार में लीची खरीदने से पहले उसके आकार पर जरूर गौर करें। अगर लीची का आकार काफी ज्यादा बड़ा है, तो समझ जाएं कि इसे केमिकल की मदद से पकाया गया है।
सूंघकर पता करें
अगर लीची को सूंघने में अजीब से गंध आ रही है, तो ऐसे में लीची को खरीदने से बचे।
छिलके के रंग से पहचाने
छिलके के रंग की मदद से भी आप असली और नकली लीची में पहचान कर सकते हैं। अगर छिलके का रंग भूरा या सफेद है, तो आपको इन्हें खरीदने से बचना चाहिए। हमेशा लाल रंग की लीची को खरीदकर खाएं।
रूई की मदद से पता लगाए
लीची खरीदते हुए उसे साफ रूई से रगड़कर देखें। अगर लीची को केमिकल की मदद से रंगा गया है, तो कॉटन का रंग लाल हो जाएगा. जबकि, अगर रंग नहीं मिला होगा तो कॉटन का रंग बेहद हल्का गुलाबी होगा। इससे आपको पता चल जाएगा लीची नकली है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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