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KGF फेम एक्टर हरीश राय का 55 की उम्र में थायराइड कैंसर से निधन, जानें इस बीमारी के शुरुआती लक्षण
Harish Cancer Passed Away Due To Thyroid Cancer: साउथ सिनेमा जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। मशहूर कन्नड़ अभिनेता हरीश राय, जिन्हें 'केजीएफ चैप्टर 1' और 'केजीएफ चैप्टर 2' में खासिम चाचा के किरदार के रूप में सराहा गया था, अब हमारे बीच नहीं रहे। 6 नवंबर 2025 को बेंगलुरु के में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से थायराइड कैंसर से लड़ रहे थे। वह इसका लगातार इलाज करा रहे थे, लेकिन कैंसर उनके शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल चुका था। इलाज के दौरान हरीश राय ने खुद बताया था कि कैंसर के इंजेक्शन बहुत महंगे हैं। एक इंजेक्शन लगभग 3.55 लाख रुपये का और एक चरण में तीन इंजेक्शन की जरूरत पड़ती थी, यानी करीब 10.5 लाख रुपये। हालांकि, इस संघर्ष के बावजूद उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और इलाज जारी रखा। उनके निधन की खबर से आते ही पूरे कन्नड़ फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सहित फिल्म जगत के कई मशहूर कलाकारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

थायराइड कैंसर क्या है?
थायराइड एक ग्रंथि है, जो हमारे गले के सामने-नीचे स्थित होती है। यह शरीर में हार्मोन का निर्माण कर मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और शरीर के तापमान को नियंत्रण करती है। थायरॉइड कैंसर तब होता है, जब थायराइड ग्रंथि की कोशिकाओं में असामान्य डीएनए म्यूटेशन हो जाती है, जिसके कारण ये कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और एक ट्यूमर बना देती हैं।
थायराइड कैंसर के कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ और शोध बताते हैं कि थायराइड कैंसर, थायराइड ग्रंथि की कोशिकाओं में डीएनए आने के कारण होता है। कई केसों में सिर या गले पर रेडिएशन थेरेपी लेना भी इसके खतरे को बढ़ा देता है। वहीं कुछ लोगों में यह बीमारी आनुवंशिक कारणों से भी होती है। अध्ययनों से पता चलता है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी ज्यादा देखी जाती है, जो अक्सर हार्मोनल कारणों से जुड़ी मानी जाती है।
थायराइड कैंसर के लक्षण
थायराइड कैंसर के लक्षण आमतौर पर गले में होने वाली सामान्य समस्याओं से मिलते-जुलते हैं, जिसके कारण शुरुआत में इसकी पहचान नहीं हो पाती है। लेकिन यह धीरे-धीरे बढ़कर गंभीर रूप ले सकते हैं। इसके कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल है -
गर्दन में गांठ होना
गले में दर्द या सूजन
आवाज में भारीपन या बदलाव
निगलने में कठिनाई होना
गले के आसपास की लिम्फ नोड्स में सूजन
थायराइड कैंसर का इलाज
विशेषज्ञों के अनुसार थायराइड कैंसर के इलाज में पहले सर्जरी उस ग्रंथि का हिस्सा हटाया जाता है। इसके बाद बची कोशिकाओं को खत्म करने के लिए रेडियो-आयोडीन थेरेपी दी जाती है। और अंत में हार्मोन संतुलन बनाए रखने के लिए दवाएं दी जाती हैं। कुछ मामलों में रेडिएशन या कीमोथेरेपी की जरूरत भी पड़ती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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