इन वजहों से हो सकता है बच्चे का वजन कम

अधिक वजन किसी के लिए भी अच्छा नहीं माना जाता है, फिर चाहे वे बड़े हों या बच्चे। अमूमन वजन कम करने के लिए हम कई तरह की जद्दोजहद करते हैं। लेकिन अगर बच्चे का वजन लगातार कम होना शुरू हो जाता है तो यह यकीनन काफी चिंताजनक हो जाता है। पैरेंट्स को यह समझ ही नहीं आता है कि उनके बच्चे का वजन लगातार क्यों गिर रहा है। वे उसकी हेल्थ को लेकर भी काफी चिंतित हो जाते हैं। हालांकि, आपको चिंतित होने से पहले बच्चे के वजन कम होने के पीछे के कारणों के बारे में जान लेना चाहिए।

जी हां, बच्चे के वजन कम होने के पीछे जरूरी नहीं है कि उसकी तबियत ही खराब हो। इसके अलावा भी ऐसे कई कारण होते हैं, जो लगातार वजन गिरने की वजहें बन सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में बता रहे हैं-

Weight Loss In Children

1. खानपान की आदतें

बच्चे के विकास के लिए जरूरी होता है कि वे पोषक तत्वों से युक्त संतुलित आहार लें। जब बच्चे ठीक से नहीं खाते हैं या आवश्यकता से कम कैलोरी खाते हैं, तो उनका वजन कम होना शुरू होता है। हालांकि, यह स्थिति अस्थायी है, क्योंकि जैसे ही बच्चा अपना कैलोरी इनटेक बढ़ाता है, उसका वजन फिर से बढ़ने लगता है। यह लगातार कम होते वजन के मुख्य कारणों में से एक है।

2. बहुत अधिक फिजिकल एक्टिविटी करना

आमतौर पर, बच्चे बड़ों की अपेक्षा अधिक एक्टिव होते हैं। वे दिनभर में खेल-कूद करके व अन्य कई एक्टिविटीज के जरिए अपनी बॉडी कैलोरी को खर्च करते हैं। लेकिन जब बच्चे अधिक एक्टिविटी करना शुरू करते हैं तो वे अधिक कैलोरी बर्न करते हैं। इस स्थिति में उनका वजन तेजी से कम होना शुरू हो जाता है। इस स्थिति में यह पैरेंट्स की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चे के खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

3. ईटिंग डिसऑर्डर

ईटिंग डिसऑर्डर सिर्फ बड़ों में ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी देखने को मिलता है। एनोरेक्सिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर एक तरह की मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम है, जो बच्चे को उसके खाने-पीने के पैटर्न को अत्यधिक प्रतिबंधित करती है। ऐसे में बच्चे का वजन लगातार और गंभीर रूप से कम होना शुरू हो जाता है। साथ ही साथ, शरीर में पोषक तत्वों की कमी का जोखिम भी बढ़ने लगता है। इसलिए, इस स्थिति में बच्चे को किसी विशेषज्ञ को अवश्य दिखाना चाहिए।

4. हार्मोनल समस्याएं

जब बच्चे की उम्र बढ़ने लगती है तो उसके साथ ही उसके शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होने भी शुरू हो जाते हैं। कुछ हार्मोनल इश्यूज जैसे एडिसन रोग, हाइपरथायरायडिज्म और टाइप -1 डायबिटीज आदि शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वजन कम होता है। बच्चे में हार्मोनल समस्याएं होने पर उसे पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे अतिरिक्त लक्षण भी नजर आ सकते हैं।

5. दवाइयों का सेवन करना

कई बार किसी क्रॉनिक बीमारी में या फिर किसी बीमारी के इलाज के लिए हम बच्चे को दवाएं देते हैं। हालांकि, कुछ खास तरह की दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में बच्चे का वजन कम होने लग जाता है। अगर आपके बच्चे ने किसी दवा का सेवन करना शुरू किया है और उसका वजन कम होने लग गया है तो इस स्थिति में यह आवश्यक है कि आप एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

6. जेनेटिक डिसऑर्डर

सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसे कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर भी अनजाने में वजन घटाने का कारण बन सकते हैं। सिस्टिक फाइब्रोसिस से प्रभावित बच्चे को आमतौर पर अधिक भूख लगती है, लेकिन फिर भी उसका अनायास ही वजन कम हो जाता है। दरअसल, ये जेनेटिक डिसऑर्डर बॉडी के हेल्दी एंजाइम के लेवल को प्रभावित करते हैं, जिससे मसल्स और फैट लॉस होता है। ऐसे में बच्चे का वजन लगातार कम होने लगता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, April 16, 2023, 9:00 [IST]
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