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National Nutrition Week 2026: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय पोषण सप्ताह? जानें इसका इतिहास और महत्व
National Nutrition Week 2026: हम रोज जो खाना खाते हैं, उससे शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ विटामिन, खनिज, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा मिलती है। इन सभी की शरीर में अपनी-अपनी भूमिका होती है। किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर सेहत पर पड़ सकता है। इसलिए रोज के खाने में अलग-अलग तरह की चीजों को शामिल करना जरूरी माना जाता है। लेकिन आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में लोगों का खानपान भी काफी बदल गया है। कई लोग समय की कमी के कारण भोजन पर ध्यान नहीं दे पाते, तो कुछ लोगों की खाने की आदतें ठीक नहीं होतीं। ऐसे में शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता।
भारत में आयरन, विटामिन डी, विटामिन बी12 और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की कमी की समस्या अक्सर सामने आती है। सिर्फ यह जानना काफी नहीं है कि क्या खाना चाहिए। भोजन कितना लेना है और दिनभर किस तरह का खाना लेना है, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। कई बार सामान्य खाना खाने के बावजूद शरीर को किसी खास विटामिन या खनिज की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाती। इसी उद्देश्य से पोषण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (National Nutrition Week 2026) मनाया जाता है। इस मौके पर लोगों को संतुलित भोजन, सही खानपान और पोषण की जरूरत के बारे में जानकारी दी जाती है। आइए, जानते हैं कि राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत क्यों हुई और इसका महत्व क्या है -

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का उद्देश्य
1 से 7 सितंबर तक मनाए जाने वाले न्यूट्रिशन वीक का मकसद लोगों को अच्छे खानपान और पोषण के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान यह समझाने की कोशिश की जाती है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का होना कितना जरूरी है। इस मौके पर डॉक्टर, पोषण विशेषज्ञ, आहार विशेषज्ञ, अस्पताल और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाएं अलग-अलग कार्यक्रम करते हैं। इनमें पोषण से जुड़े सेमिनार, सही खानपान को लेकर कार्यशालाएं और लोगों को जरूरी जानकारी देने वाले कार्यक्रम शामिल होते हैं। सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों तक पोषण और सही खानपान से जुड़ी बातें पहुंचाई जाती हैं।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह का इतिहास
राष्ट्रीय पोषण दिवस की शुरुआत मार्च 1975 में अमेरिकन डायटेटिक्स एसोसिएशन ने की थी। इसी संस्था को अब एकेडमी ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स के नाम से जाना जाता है। भारत में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की शुरुआत 1982 में खाद्य एवं पोषण बोर्ड ने की थी। इसका उद्देश्य देश में कुपोषण की समस्या को कम करना और लोगों को संतुलित भोजन, सही पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी देना था। इसके बाद भारत में हर साल 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाने लगा।
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2026 की थीम
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 2026 की आधिकारिक थीम अभी जारी नहीं हुई है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में "जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना" को इस साल की संभावित थीम बताया जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसे फिलहाल संभावित थीम के तौर पर ही लिखा जाना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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