थायरॉयड ग्लैंड को एक्टिव रखने के लिए एक्सपर्ट द्वारा बताएं गए इन न्यूट्रिएंट्स को खाएं

शरीर की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई तरह की ग्लैंड्स काम करती हैं और इन्हीं में एक है थायरॉयड ग्रंथि। यह एक तितली के आकार की ग्रंथि है। थायरॉयड ग्रंथि हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो थायराइड हार्मोन का उत्पादन करने में मदद करती है। जब थायरॉयड ग्रंथि सही तरह से काम नहीं करती है, तो इससे थायराइड हार्मोन सही तरह से प्रोड्यूस नहीं हो पाता है और लोगों को वजन बढ़ने से लेकर हेयर फॉल व अन्य कई समस्याएं होती हैं।

थायरॉयड ग्रंथि को ठीक से काम करने के लिए कुछ पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनके बारे में आमतौर पर लोगों को कम ही जानकारी होती है। लेकिन हाल ही में न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मल्होत्रा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में न केवल थायरॉयड ग्रंथि के लिए आवश्यक विभिन्न पोषक तत्वों को साझा किया है, बल्कि उन सभी के विभिन्न स्रोतों को भी बताया है। तो चलिए जानते हैं इन पोषक तत्वों के बारे में-

क्या कहती हैं न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मल्होत्रा

न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मल्होत्रा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा हैं, "थायरॉइड एक बेहद महत्वपूर्ण ग्रंथि है जो हमारे मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन रिलीज करती है। इसके सही तरह से कामकाज के लिए इसे कई पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।"

आयोडीन

आयोडीन

आमतौर पर, थायरॉयड ग्रंथि थायराइड हार्मोन का उत्पादन करने के लिए विभिन्न खाद्य पदार्थों से आयोडीन लेती है। इसलिए डाइट में आयरन शामिल करने के लिए कुछ चीजों को खाया जा सकता है। आयोडीन के विभिन्न स्रोतों में आयोडीन युक्त नमक, आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे केला, गाजर, समुद्री भोजन, अंडा, स्ट्रॉबेरी, साबुत अनाज शामिल हैं।

टायरोसिन

टायरोसिन

टायरोसिन एक एमिनो एसिड है जिसकी थायरॉयड ग्रंथि को जरूरत होती है। पूजा मल्होत्रा बताती हैं कि आप अंडे, पनीर, दूध, पनीर, दही, सी-सॉल्ट, सोया, मूंगफली, बादाम, बीन्स और अन्य अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन से टायरोसिन प्राप्त कर सकते हैं।

बी-कॉम्प्लेक्स

बी-कॉम्प्लेक्स

बी-कॉम्प्लेक्स भी थायरॉयड ग्रंथि के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है। पूजा मल्होत्रा के अनुसार, बी-कॉम्प्लेक्स साबुत अनाज, बीन्स, फलियां, दूध, अंडे, पनीर, समुद्री भोजन, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, खट्टे फल, केले, तरबूज, सोया, आदि से प्राप्त किया जा सकता है।

विटामिन सी

विटामिन सी

हम सभी जानते हैं कि विटामिन सी शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह ना केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि थायरॉयड ग्रंथि के लिए भी एक आवश्यक विटामिन है। इसे आंवला, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकली, टमाटर, नींबू और अन्य जैसे खट्टे फलों से लिया जा सकता है।

विटामिन डी

विटामिन डी

आमतौर पर, यह माना जाता है कि विटामिन डी का काम शरीर में कैल्शियम के अब्जॉर्बशन को बेहतर बनाना है। लेकिन विटामिन डी अन्य भी कई कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। यह थायरॉयड ग्रंथि की फंक्शनिंग को भी बूस्ट अप करता है। यूं तो विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत सूरज की किरणों को माना गया है, लेकिन इसके अलावा अंडे की जर्दी, फैटी फिश और मांस की मदद से भी आप विटामिन डी प्राप्त कर सकते हैं।

आयरन

आयरन

शरीर में आयरन की कमी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। आयरन की कमी के चलते थायरॉयड ग्रंथि की कार्यप्रणाली में भी बाधा उत्पन्न होती है। सीफूड, ऑर्गन मीट, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, कद्दू के बीज, क्विनोआ, ब्रोकली और टोफू सभी आयरन से भरपूर होते हैं। आप इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

सेलेनियम

सेलेनियम

समुद्री भोजन, ऑर्गन मीट, नट्स, चिकन, पनीर, अंडे, ब्राउन राइस, सूरजमुखी के बीज, बीन्स, मशरूम, ओट्स और पालक आदि आपके शरीर में सेलेनियम की आपूर्ति को बढ़ा सकते हैं।

मैंगनीज

मैंगनीज

पूजा मल्होत्रा बताती हैं कि नट्स, बीन्स, टोफू, शकरकंद, अनानास, ब्राउन राइस, सीप और फलियां जैसे खाद्य पदार्थों में मैंगनीज की मात्रा अधिक होती है।

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