धड़ल्‍ले से करें बात, क्‍योंकि मोबाइल से नहीं होता ब्रेन कैंसर

By Ajay Mohan

Girl with mobile phone
लंदन। हाल ही में एक रिपोर्ट आयी थी, जिसमें कहा गया था कि मोबाइल फोन से मस्तिष्‍क को खतरा पहुंच सकता है, लेकिन अब अब एक शोध ऐसा हुआ है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि मोबाइल फोन के इस्‍तेमाल से मस्तिष्‍क कैंसर का कोई खतरा नहीं।

ब्रिटेन के मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 1998 से 2007 के बीच मस्तिष्क कैंसर से पीड़ित लोगों के आंकड़े जुटाकर उनकी जांच की तो उन्हें ऐसा कोई महत्वपूर्ण तथ्य नजर नहीं आया। ये आंकड़े ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग के कार्यालय में उपलब्ध हैं। शोध रिपोर्ट बायोइलेक्ट्रोमैग्नेटिक्स जर्नल में प्रकाशित हुई है, जिसके अनुसार इन नौ सालों में महिलाओं या पुरुषों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल के कारण मस्तिष्क कैंसर के खतरे नहीं दिखे हैं।

मुख्य शोधकर्ता फ्रैंक डी वोच के अनुसार 1990 के दशक में सेल फोन के आने के बाद ब्रिटेन सहित दुनिया के अन्य देशों में भी बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल बढ़ा है। मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो तरंगों को लेकर हमेशा से विवाद रहा है कि क्या इससे मस्तिष्क कैंसर का खतरा बढ़ रहा है? उनका जवाब था, "हमारे शोध में सेल फोन के इस्तेमाल और मस्तिष्क कैंसर के बढ़ रहे खतरों में कोई सम्बंध नहीं दिखता है।"

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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