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मानसून में लीजिये इन पौष्टिक व्यंजनों का मजा
भारत में मानसून का बहुत ज्यादा महत्व होता है। बारिश की पहली फुहार फसलों, जानवरों और मनुष्यों के तन-मन को अंदर से भिगो देती हैं। साथ ही यह सीज़न आहार का भी विषेश्ा महत्व बढा देता है। बारिश के मौसम में घर के अंदर बैठ कर तरह तरह के गरमा-गरम व्यंजन खाने का अपना ही मजा है। अगर इस मानसून आपके पास कोई काम नहीं है तो घर पर बैठे-बैठे चटपटा और गरमा-गरम आहार खाइये क्योंकि ठंडी चीजे आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं। चलिये देखते हैं कि इस मानसून में आप क्या-क्या खा सकते हैं।

सूप- जब बारिश हो रही तो बाहर का कुछ खाने से अच्छा है कि गरम-गरम सूप पी लिया जाए। यह स्वादिष्ट तथा पौष्टिक होता है। इस समय मानसून में सब्जी और दाल से बने सूप का प्रयोग करें। खूब सारा पानी पीजिये क्योंकि इस समय शरीर में डीहाइड्रेशन होने के बहुत चांस होते हैं।
कड़क चाय- बरसात की शाम को अदरक और तुलसी की चाय पीना स्वास्थ्य के लिये लाभदायक होता है। चाय पीने से पूरा शरीर गरम हो जाता है। और चाय के साथ अगर गरमा-गरम पकौडे खाने को मिल जाएं, तब तो मजा ही आ जाए।
भुट्टा- आयुर्वेद के अनुसार भुट्टा तृप्तिदायक, वातकारक, कफ, पित्तनाशक, मधुर और रुचि उत्पादक अनाज है। अगर आप सर्दी से पीडित हो गए हों तो इस समय नमक-मिर्च लगा कर भुट्टा ना खाना भूलें। इससे गले की खराश में भी लाभ मिलता है।
पकौडा- बारिश के मौसम में पकौडों का कोई दूसरा अन्य मुकाबला नहीं हो सकता। प्याज, पनीर, हरी मिर्च, आलू तथा अन्य ना जाने कौन-कौन सी सब्जियों के पकौडे बनाये जाते हैं, जिन्हें खा कर जन्नत महसूस होने लगती है। भले ही इसमें थोड़ा तेल ज्यादा होता हो लेकिन बारिश के मौसम में इतना तो चलता ही है।
आहार- सब्जियों में मेथी, सहिजन, परवल, लौकी, सरगवा, बथुआ, पालक एवं सूरन हितकर हैं। सेवफल, मूंग, गरम दूध, लहसुन, अदरक, सोंठ, अजवायन, साठी के चावल, पुराना अनाज, गेहूँ, चावल, जौ, खट्टे एवं खारे पदार्थ, दलिया, शहद, प्याज, गाय का घी, तिल एवं सरसों का तेल, महुए का अरिष्ट, अनार, द्राक्ष का सेवन लाभदायी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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