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रोजाना नंगे पांव पैदल चल कर भगाइये बीमारियां

नंगे पांव सेहत के लिए फायदेमंद
सबुह सुबह गर्मी के दिनों में नंगे पांव पैदल चलना अधिक फायदेमंद होता है। यह हमारे शरीर को ठंडा रखता है, खासकर अगर आप सुबह बागीचे में नंगे पांव घास पर टहलें तो यह आपको बहुत फायदा पहुंचाएगा। ऐसा भी देखा गया है कि बचपन में अधिक खाली पैर रहने से बड़े होने पर पैर की तकलीफें कम होती हैं। माना जाता है कि कम उम्र में हर समय जूते-चप्पल पहनने से बड़े होने पर पैर कमजोर हो जाते हैं। पैरों की उंगलियां दूसरे की तुलना में ठीक से बढ़ नहीं पातीं। साथ ही, पैरों का शेप भी बिगड़ जाता है और पैर बड़े नहीं हो पाते।
एनर्जी लेवल बढ़ता है-
नंगे पांव चलने से पैरों को बहुत आराम मिलता है। अगर आप बाहर नंगे पांव नहीं चल सकते हैं तो अपने घर में ही चप्पल उतार कर चला करें। नंगे पैर रहने से न केवल बॉडी में एनर्जी लेवल बढ़ता है बल्कि घुटनों और कूल्हों की हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
अध्ययन के मुताबिक, खाली पैर दौड़ने वाली महिलाओं की अपेक्षा जूते पहनकर दौड़ने वाली महिलाएं अधिक चोटग्रस्त होती हैं। जो जूते पहनकर दौड़ती या जॉगिंग करती हैं, उनमें अधिकतर एड़ी के बल पर पैर रखती हैं।
जूते-चप्पल से कम दबाव पड़ता है-
इसके विपरीत, नंगे पैर दौड़ने वाली महिलाएं पंजे के आगे के हिस्से पर अपना पूरा वजन रखती हैं। खाली पैर दौड़ने से एड़ी पर बॉडी के कुल वजन का डेढ़ गुना दबाव पड़ता है, जिसे बॉडी अपनी ओर खींचकर बराबर बांट देती है। जबकि जूते-चप्पल या हील्स इस दबाव को कम कर देते हैं, इसी कारण पैरों में दर्द और चोट लगने जैसे खतरों का सामना करना पड़ता है।
आपने नोटिस किया होगा कि योगा, व्यायाम, कराटे, मार्शल आर्ट आदि की ट्रेनिंग नंगे पैर ही दी जाती है क्योंकि इससे जमीन की एनर्जी हमारे शरीर में प्रवाह करती है। खाली पैर चलना स्पष्ट रूप से सोचने और काम करने की क्षमता को भी विकसित करता है।
प्रत्येक दिन पार्क में नंगे पांव टहलें, इससे आप नेचर को करीब से महसूस करेंगे। ऐसा करने से तनावमुक्त रहने के साथ फ्रेश फील करेंगे जिससे वर्क पावर और एनर्जी लेवल भी बढ़ेगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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