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हाई ब्लड प्रेशर से भी हो सकता है ब्रेन हैमरेज

प्रो. एसएन मथुरिया का कहना है कि प्रति एक लाख में 10-20 प्रतिशत लोगों में यह नली दोबारा फट जाती है और उनकी मौत हो जाती है। इसे एन्यूरिज्म(खून की नली का फटना) कहते हैं। यह एक प्रकार का ब्रेन हैमरेज हैं जो जानलेवा है। पीजीआई चण्डीगढ़ के प्रो. एसएन मथुरिया ने बताया कि पिछले कुछ समय के दौरान एन्यूरिज्म रोग काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह रोग जापान व फिनलैण्ड में सबसे अधिक है लेकिन भारत में इसके रोगियों को बढऩा चिन्ता का विषय है।
उन्होंने बताया कि इसके रोगियों में देखा जाता है कि व्यक्ति के मस्तिष्क की खून की नली में गुब्बारे जैसा बन जाता है जो कुछ समय बाद फट जाता है यदि इस नली को समय रहते सर्जरी के द्वारा क्लैम्प लगाकर बंद कर दिया जाए तब तो हालात काबू में आ जाते हैं लेकिन कई बार व्यक्ति को इसका पता ही नहीं चल जाता जिस कारण उसे ब्रेन हैमरेज हो जाता है।
मरीज को इलाज देने के साथ ही उसे कई अन्य बीमारियों से भी बचाना आवश्यक होता है। प्रो. मथुरिया के अनुसार ऐसे रोगियों की जांच के लिए सीटी एन्जियोग्राफी करायी जाती है जिसके बाद इस फटी हुई नस की जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रति एक लाख मरीजों में मात्र 15-20 प्रतिशत मरीजों में यह रोग देखने को मिलता है चिकित्सकों के अनुसार इस रोग के जो मरीज भर्ती होते हैं उसमें मात्र 20 प्रतिशत को ही बचाया जा पाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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