दांतों के पस को ठीक करने के घरेलू उपचार

By Super

दांतों में पस मुख्य रूप से मसूड़ों में जलन और टूटे हुए दांत के कारण होता है। दांतों में पस मुख्य रूप से एक प्रकार का संक्रमण होता है जो मसूड़ों और दांतों की जड़ों के बीच होता है तथा इसके कारण बहुत अधिक दर्द होता है। इसके कारण दांत के अंदर पस बन जाता है जिसके कारण दांत में दर्द होता है। जिस दांत में पस हो जाता है उसमें बैक्टीरिया प्रवेश कर जाता है और वही बढ़ता रहता है जिससे उन हड्डियों में संक्रमण हो जाता है जो दांतों को सहारा देती हैं। यदि समय पर इसका उपचार नहीं किया गया तो इसके कारण जीवन को खतरा हो सकता है। दंत स्वास्थ्य: स्वस्थ मसूड़ों के लिए टिप्स

दांतों में पस होने के कारण जो दर्द होता है वह असहनीय होता है तथा इस दर्द को रोकने के लिए लोग कई तरह के उपचार करते हैं परंतु अंत में दर्द बढ़ जाता है। यदि आप भी मसूड़ों की इस बीमारी से ग्रसित हैं तो हम आपको बताएँगे कि आपको क्या करना चाहिए तथा क्या नहीं। पहले आपको इस बीमारी के लक्षण तथा कारण पहचानने होंगे।

दांतों में पस होने के कारण

  • मसूड़ों की बीमारी
  • मुंह की सफाई ठीक से न करना
  • प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होना
  • टूटा हुआ दांत
  • मसूड़ों में सूजन और जलन
  • दांतों में संक्रमण
  • बैक्टीरिया
  • कार्बोहाइड्रेट युक्त तथा चिपचिपे पदार्थ अधिक मात्रा में खाना

उपचार दांतों में पस होने के लक्षण

उपचार दांतों में पस होने के लक्षण

  • जब भी आप कुछ खाएं तो संक्रमित जगह पर दर्द
  • संवेदनशील दांत
  • मुंह में गंदे स्वाद वाले तरल पदार्थ का स्त्राव
  • साँसों में बदबू
  • मसूड़ों में लालिमा और दर्द
  • अस्वस्थ महसूस करना
  • मुंह खोलने में तकलीफ होना
  • प्रभावित क्षेत्र में सूजन
  • चेहरे पर सूजन
  • दांतों में अनपेक्षित दर्द होना
  • अनिद्रा
  • कुछ निगलने में परेशानी होना
  • बुखार

  • 1. लहसुन

    1. लहसुन

    लहसुन बैक्टीरिया को मारने के लिए एक प्राकृतिक हथियार है। कच्चे लहसुन का रस संक्रमण को मारने में मदद करता है। यदि वास्तव में आपके दांत में बहुत अधिक दर्द हो रहा हो तो आप ऐसा कर सकते हैं। कच्चे लहसुन की एक कली लें। इसे पीसें और निचोड़ें तथा इसका रस निकालें। इस रस को प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। यह घरेलू उपचार दांत के दर्द में जादू की तरह काम करता है।

    2. लौंग का तेल

    2. लौंग का तेल

    लौंग का तेल भी संक्रमण रोकने में सहायक होता है तथा दांतों के दर्द में तथा मसूड़ों की बीमारी में अच्छा उपचार है। थोड़ा सा लौंग का तेल लें तथा इस तेल से धीरे धीरे ब्रश करें। जब आप प्रभावित क्षेत्र में इसे लगायें तो अतिरिक्त सावधानी रखें। बहुत अधिक दबाव न डालें तथा अपने मसूड़ों पर धीरे धीरे मालिश करें अन्यथा अधिक दर्द होगा। मसूड़ों पर लौंग के तेल की कुछ मात्रा लगायें तथा धीरे धीरे मालिश करें।

     3. आईल पुलिंग

    3. आईल पुलिंग

    यह घरेलू उपचार बहुत ही सहायक है। इसमें आपको सिर्फ नारियल के तेल की आवश्यकता होती है। एक टेबलस्पून नारियल का तेल लें और इसे अपने मुंह में चलायें। इसे निगले नहीं, इसे लगभग 30 मिनिट तक अपने मुंह में रखें रहें। फिर इसे थूक दें और मुंह धो लें। आपको निश्चित रूप से आराम मिलेगा।

    4. पेपरमिंट आईल

    4. पेपरमिंट आईल

    दांत के दर्द में पेपरमिंट आईल जादू की तरह काम करता है। अपनी उँगलियों के पोरों पर कुछ तेल लें तथा इसे धीरे धीरे प्रभावित क्षेत्र पर मलें। आपको दांत के दर्द से तुरंत आराम मिलेगा।

    5. नमक

    5. नमक

    यदि आप तुरंत आराम पाना चाहते हैं तो नमक से आप तुरंत आराम पा सकते हैं। इसके लिए थोड़ा सा नमक गुनगुने पानी में मिलाएं और इस पानी से गरारे करें। पहले थोड़ा दर्द महसूस होगा परंतु उसके बाद कुछ आराम मिलेगा। इसे कई बार दोहरायें और आपका दर्द लगभग 90% तक कम हो जाएगा।

    6. टी बैग

    6. टी बैग

    टी बैग एक अन्य घरेलू उपचार है। हर्बल टी बैग को प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। इससे पस के कारण होने वाले दर्द से आपको तुरंत आराम मिलेगा।

    7. ओरेगानो आईल

    7. ओरेगानो आईल

    ओरेगानो आईल में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी वाइरल गुणधर्म होते हैं। यह घरेलू उपचार में बहुत प्रभावकारी होता है विशेष रूप से दांतों और मसूड़ों की बीमारियों में।

    8. ऐप्पल सीडर विनेगर (एसीवी)

    8. ऐप्पल सीडर विनेगर (एसीवी)

    दांतों में पस होने पर ऐप्पल सीडर विनेगर एक अन्य प्रभावशाली उपचार है। चाहे वह प्राकृतिक हो या ऑर्गेनिक, यह बहुत अधिक प्रभावशाली है। एक टेबलस्पून ए सी वी लें। इसे कुछ समय के लिए अपने मुंह में रखें और फिर इसे थूक दें। इसे निगलें नहीं। इससे प्रभावित क्षेत्र रोगाणुओं से मुक्त हो जाएगा। इससे सूजन भी कम होती है।

    9. एंटी बायोटिक्स

    9. एंटी बायोटिक्स

    दांतों में पस होने पर एक अन्य घरेलू उपचार एंटीबायोटिक्स हैं। आईबूप्रोफेन संक्रमण को ख़तम करने में सहायक है तथा इससे सूजन से भी राहत मिलती है। पैरासिटामॉल एक अन्य दर्द निवारक दवा है। अमोक्स़ीसिलीन भी एक अच्छा एंटीबायोटिक है तथा सामान्यत: डॉक्टर इसकी सलाह देते हैं।

Story first published: Friday, July 11, 2014, 10:00 [IST]
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