Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
आंखों की रोशनी बचानी है, तो रोज पियें कॉफी
(आईएएनएस)| यदि आप कॉफी पीने के आदि हैं, तो हर रोज एक कॉफी का सेवन आपकी आंखों के लिए खुशखबरी बन सकता है। एक आहार विशेषज्ञ के मुताबिक हर रोज एक कप कॉफी का सेवन नजर को कमजोर होने और मोतियाबिंद, अधिक उम्र और मधुमेह के कारण रेटिना को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। ये ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे व्यक्ति अंधा भी हो सकता है।
कोरनेल विश्वविद्यालय के आहार विज्ञान के प्रोफेसर चांग वाई ली ने कहा, "कच्ची कॉफी में औसत रूप से एक प्रतिशत कैफीन होता है और सात से नौ प्रतिशत क्लोरोजेनिक अम्ल होता है, जो रेटिना को क्षतिग्रस्त होने से बचाने का एक मजबूत एंटीऑक्सिडेंट है।" दुनिया भर में प्रसिद्ध कॉफी के प्रकार

उन्होंने कहा, कॉफी दुनियाभर का सर्वाधिक लोकप्रिय पेय पदार्थ है और हमें पता है कि यह स्वास्थ्यवर्धक भी हो सकती है। ली ने कहा कि यह अध्ययन कार्यात्मक खाद्य पदार्थो की प्रकृति को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होते हैं।
इससे पहले के शोधों में यह भी पता चला है कि कॉफी के सेवन से प्रोटेस्ट कैंसर, मधुमेह, अल्जाइमर और उम्र बढ़ने के साथ उत्पन्न होने वाली बीमारियों का खतरा कम होता है। ह यह अध्ययन जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड केमेस्ट्री में प्रकाशित हुई है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications