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फेफडों के कैंसर के शुरूआती लक्षण
अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। आप व्यस्त हो, समय न हो लेकिन खुद पर हमेशा ध्यान दें। आजकल लोगों में धूम्रपान की आदत बहुत ज्यादा बढ़ रही है जिसके कारण फेफडों के कैंसर की समस्या इन दिनों सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसे में खुद के शरीर में होने वाले परिवर्तनों और नए लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
फेफडों के कैंसर को शुरूआत में पहली ही स्टेज पर जान लेने से इससे निजात पाई जा सकती है। बस आपको अपने ऊपर ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत पड़ेगी। फेफडों के कैंसर के शुरूआती लक्षण निम्म प्रकार हैं :
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कफ आना
अगर आपको कभी भी कफ की समस्या नहीं रहती हो और आप धूम्रपान करते हो, तो अचानक से ज्यादा मात्रा में कफ बनने पर खुद पर ध्यान दें, और डा. को दिखाएं। एक सप्ताह से ज्यादा कफ आने पर इग्नोर न करें। यह फेफडों क कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है।

सांस का तेजी से चलना
फेफडों के कैंसर में पहली स्टेज में भयानक रूप से सांस फूलने लगती है और इस वजह से व्यक्ति बेहाल हो जाता है। उसे अपना काम करना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि कुछ लोग इसे अस्थमा मानकर इग्नोर करते है लेकिन यह सबसे खास लक्षण होता है।

शरीर के कुछ हिस्सों में दर्द होना
फेफडों के कैंसर के शुरूआती दौर में छाती, पसली, पीठ और कमर में भयानक दर्द होना शुरू हो जाता है जो शरीर के नर्व सिस्टम पर प्रभाव डालता है।

लगातार स्वास्थ्य में गिरावट आना
धूम्रपान करने वाले लोगों को फेफडों में कैंसर होने पर बॉडी की ग्रोथ रूक जाती है और उनकी हेल्थ लगातार कम होती जाती है, उन्हे देखकर उनकी कमजोरी का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे लोगों को ड्रिपेशन, थकान और वजन का घटना आदि समस्याएं होने लगती हैं।

न्यूमेानिया या ब्रोनकाइटिस होना
धूम्रपान करने वाले लोगों को फेफडों में कैंसर होने पर सबसे पहले न्यूमोनिया या ब्रोनकाइटिस होता है ये लक्षण हर प्रकार के कैंसर में नहीं होता है और नही नॉन स्मोकर लोगों में पाया जाता है। अचानक से न्यूमोनिया आदि की शिकायत होने डा. से सम्पर्क करना उचित रहेगा।

घरघराहट होना
फेफडों में कैंसर के शुरूआती दौर में सोते समय छाती से घरघराहट की आवाज आती है। कई लोग मान लेते है कि यह एक स्लीपिंग डिस्आर्डर है। अगर आपको पहले ऐसा न होता हो और पिछले कुछ दिनों से ऐसे लक्षण नजर आ रहे हो, तो अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

आवाज में बदलाव आना
फेफडों में कैंसर होने पर आवाज में भारीपन आने लगता है और धीरे - धीरे आवाज बैठने लगती है। फेफडों के कैंसर का सबसे जल्द प्रभाव आवाज पर ही पड़ता है क्योंकि इससे नर्व सिस्टम पर सीधा प्रभाव पड़ता है।



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