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पता चला कैसे फैलता है फेफड़े का कैंसर
(आईएएनएस)| फेफड़े के कैंसर के दौरान कैंसर कोशिकाएं किस प्रकार शरीर के अन्य भागों में फैलती हैं, इसका पता शोधकर्ताओं ने लगा लिया है। इसके लिए फेफड़े के कैंसर की कोशिकाएं सबसे पहले उस प्रोटीन को खत्म कर देती है, जो उसे पड़ोसी कोशिकाओं से जोड़े रखती है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के कैंसर रिसर्च यूके मैनचेस्टर इंस्टीट्यूट की प्रमुख शोधकर्ता एंगेलिकी मालिरी ने कहा, "इस शोध में पहली बार यह बात सामने आई कि फेफड़े के कैंसर की कोशिकाएं किस प्रकार 'कोशिका पुनर्चक्रण प्रक्रिया' को कब्जे में कर पड़ोसी कोशिकाओं से अलग होती हैं।"
निष्कर्ष में खुलासा हुआ है कि कोशिकाओं को आपस में जोड़े रखने का काम एक प्रोटीन (टीआईएमए1) करता है। जब कोशिकाओं के मरम्मत की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी आती है, तो टीआईएमए1 को खत्म कर उस कोशिका को अलग कर दिया जाता है।

बीमार कोशिकाओं की जगह स्वस्थ कोशिकाएं लेती रहती हैं। लेकिन फेफड़े के कैंसर की स्थिति में यह प्रक्रिया अनियंत्रित हो जाती है, जिसके परिणाम स्वरूप टीआईएमए1 भारी पैमाने पर नष्ट होती हैं और इस तरह कैंसर कोशिकाओं का प्रसार होता है।
रिसाइकिल की इस प्रक्रिया को नियंत्रित कर फेफड़े के कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है।
कैंसर रिसर्च यूके के नेल बैरी ने कहा, "इस तरह की प्रारंभिक अवस्था का शोध इलाज की खोज के लिए बेहद जरूरी है और एक दिन ऐसा आएगा, जब कैंसर कोशिकाओं के प्रसार पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया जाएगा और कैंसर का स्थायी समाधान मिल जाएगा।"
यह अध्ययन पत्रिका 'सेल रिपोर्ट्स' में प्रकाशित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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