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जानें साइनस इंफेक्शन के आयुर्वेदिक उपचार
क्या आपको लगातार खांसी और छींक आ रही है? क्या आप अपनी एलर्जी से चिड़चिड़े हो गए हैं? क्या आपको यह लगने लगा है कि अब आपको डाक्टर के पास जाना चाहिए? अगर सामान्य जुकाम की दवा आपके लिए काम नहीं कर रही है और शरीर के दर्द व एलर्जी से आप मुश्किलों का सामना कर रहे हैं तो हो सकता है कि आप साइनसाइटिस का शिकार हो गए हैं।
अब जब कि आप दवाई लेने की योजना बना रहे हैं तो जाहिर है आप इस दुविधा में होंगे कि एलोपैथ, होमियोपैथ या आयुर्वेद की मदद ली जाए? अगर आप अपने उपचार को लेकर बहुत ज्यादा दुविधा में हैं जो हम आपको कुछ दिशा निर्देश देते हैं। साइनसाइटिस के मामले में आयुर्वेद सबसे अच्छा रहता है।
MUST CLICK: क्या आप भी साइनस के मरीज हैं?
साइनस इंफैक्शन के आयुर्वेद उपचार में ऐसी विधियों को अपनाया जाता है, जिससे आपको काफी आराम पहुंचेगा। आयुर्वेदिक उपचार से निश्चित रूप से आपको काफी आराम होगा। तो अलगी बार जब आ सो कर उठे और छींक, खांसी व सिरदर्द से परेशान हों तो चिंता न करें। यहां हम आपको साइनसाइटिस के कुछ आयुर्वेदिक उपचार के बारे में बता रहे हैं।

1. अणु तेल
अणु तेल साइनसाइटिस के उपचार के लिए आयुर्वेद की एक औषधी है। जब आप किसी डाक्टर के पास साइनसाइटिस की समस्या लेकर जाएंगे तो निश्चित तौर पर आपको अणु तेल के इस्तेमाल की सलाह देगा। यह तेल संकुलन को कम करने के लिए जाना जाता है। नाक बंद हो जाने पर यह तेल काफी असरदार होता है। हालांकि शुरू में कुछ समय आप लगातार छींकेंगे और नाक भी बहेगी, पर कुछ दिन बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा।
2. खदीरादी वटी
साइनस इंफैक्शन के उपचार के लिए जाने पर डाक्टर आपको खदीरादी वटी के प्रयोग की सलाह भी दे सकते हैं। मुख्य रूप से डाक्टर जलन को कम करने के लिए इस दवा के सेवन की सलाह देते हैं। इसके अलावा कांचनार गुग्गुल और व्योषादि वटी का इस्तेमाल भी इसी उद्देश्य के लिए किया जाता है।
3. चवनपराश
आयुर्वेद के उपचार में यह एक सामान्य औषधी है। साइनसाइटिस के आयुर्वेदिक उपचार में भी चवनपराश का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए नाक की एलर्जी, शरीर दर्द आदि भी दूर होता है। इसके अलावा शरीर के दर्द के उपचार में अभ्रक भस्म और लक्ष्मी विलास रास का इस्तेमाल भी किया जाता है।
4. चित्रक हरीतकी
यह दवाई लेहया के रूप में उपलब्ध रहती है। यह भी साइनस इंफैक्शन का आयुर्वेदिक उपचार है और डाक्टर के बताए गए निर्देशों के अनुसार इस दवाई का लगातार सेवन करना चाहिए। आमतौर पर दो चम्मच चित्रक हरीतकी को दूध के साथ लिया जाता है।
5. जीवनधारा
यह कपूर और मेंथॉल का मिश्रण है और इसका इस्तेमाल साइनस इंफैक्शन के आयुर्वेदिक उपचार में किया जाता है। भांप को सूंघते समय इस दवाई को मिलाया जाता है। अगर एक हफ्ते तक दिन में दो बार इसकी सांस लेंगे तो काफी फायदा पहुंचेगा। इससे निश्चित रूप से आपको काफी आराम पहुंचेगा।
6. मिश्रण
हो सकता है आपका इम्युनिटी सिस्टम उतना मजबूत न हो। तो आपके इम्यूनिटी को बनाने की जरूरत है और ऐसा करने के लिए शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालना पड़ेगा। आप पूरे दिन पानी पी कर ऐसा आसानी से कर सकते हैं। साथ ही आप चाय में पुदीना, लौंग और अदरक मिलाकर अतिरिक्त आराम पा सकते हैं। साथ ही भोजन बनाने के दौरान खाने में हल्दी, काली मिर्च, सौंफ, जीरा, धनिया, अदरक और लहसुन भी मिलाएं।
साइनसाइटिस को एक अनुशासित और अच्छे आहार के जरिए दूर किया जा सकता है। बेशक आयुर्वेदिक दवाई भी काम करती है। बेहतर परिणाम के लिए आप इन दवाइयों को कुछ दिनों तक शिद्दत के साथ लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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