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हर बार चोट लगने के बाद क्यों जरूरी होता है टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना?

जब भी आपको कोई चोट लग जाती है तो आपके घरवाले और दोस्त बोलते हैं कि टिटनेस का इंजेक्शन लगवा लो। कई बार आप इस इंजेक्शन को लगवाना इग्नोर भी करते हैं। लेकिन ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
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लोहे या किसी धातु से लगने वाली चोट के बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य है। टिटनेस से जुड़ी कुछ आवश्यक बातों को इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे, जो कि निम्न प्रकार हैं:

1.
टिटनेस एक प्रकार का जीवाणु संक्रमण है जो कि घातक साबित हो सकता है - इसके लगभग 30 प्रतिशत मामले गंभीर रूप धारण कर लेते हैं।

2.
इसे 'लॉकजॉ' भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर में जबड़े को बंद कर देता है जिसकी वजह से मुंह खुलना अंसभव हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति कुछ खाने में अक्षम हो जाता है।

3.
इसके जीवाणु मिट्टी, खाद या धूल में पाएं जाते हैं।

4.
शरीर में कहीं चोट या घाव होने पर यह जीवाणु वहां चिपक जाते हैं और शरीर में संक्रमण पैदा कर देते हैं। ये खासकर उस जगह पनपते हैं जहां गंदगी होती है।

5.
जानवर के काटने, जलने या गंदा इंजेक्शन लगाने से भी टिटनेस होने का डर रहता है।

6.
यह रोग संक्रामक नहीं होता है, इसलिए चिंता न करें, किसी को हो जाने पर उसकी मदद करें न कि उसे अलग कर दें।

7.
बच्चे को इसका टीकाकरण अवश्य करवाएं, इससे उसके शरीर में टिटनेस के जीवाणु के लिए प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाएगी।

8.
हालांकि, अगर आपको गहरी चोट लगती है और गहरा घाव हो जाता है तो 5 साल में ही टिटनेस का इंजेक्शन लगवा लें। इससे संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है।

10.
अगर आपको बचपन में टिटनेस का टीकाकरण नहीं दिया गया था, तो अब आप टिटनेस का टीकाकरण करवा लें। यह टीकाकरण 3 चरणों में होता है - पहले टीके को देने के बाद, दूसरा टीका 4 सप्ताह बाद दिया जाता है और तीसरा टीका, 6 से 12 सप्ताह बाद दिया जाता है।

11.
टिटनेस का इंजेक्शन या टीकाकरण होने के बाद आपको थोड़ा सा बुखार आ सकता है, जहां इंजेक्शन लगाया गया हो, वहां लालिमा हो सकती है। कई बार उस जगह पर सूजन भी आ जाती है।

12.
गर्भवती महिलाओं के लिए टिटनेस की वैक्सीन सुरक्षित होती है। वैसे तो डॉक्टरी सलाह यह होती है कि कोई महिला जितनी बार गर्भ धारण करें, वह उतनी बार ही वैक्सीन लगवाएं, ताकि उसे डिप्थीरिया या काली खांसी की शिकायत न हो।

13.
जिन लोगों को मिर्गी या अन्य प्रकार की तंत्रिका सम्बंधी समस्या हो या रह चुकी हो, उन्हें टिटनेस का इंजेक्शन डॉक्टर की बिना सलाह के नहीं लगवाना चाहिए।



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