Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
कॉफी पीने से कम होगा त्वचा कैंसर का जोखिम
(आईएएनएस)| कॉफी पीने वालों के लिए यह खबर सुकून भरा है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि रोजाना चार कप कॉफी का सेवन उन्हें त्वचा कैंसर से दूर रखता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि हालांकि यह परिणाम प्रारंभिक हैं, लेकिन जीवनशैली में थोड़ा बहुत बदलाव लाने से त्वचा कैंसर से खुद को सुरक्षित किया जा सकता है।
Clearance Sale: Get 80% Off on Fragrances & Deodorants
यह निर्धारित करने के लिए कि कॉफी का सेवन व त्वचा कैंसर के बीच कोई संबंध है, यूएस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में कैंसर एपिडेमियोलॉजी एंड जेनेटिक्स विभाग की एरिका लॉफ्टफील्ड ने एनआईएच-एएआरपी डाइट एंड हेल्थ स्टडी के आंकड़ों का इस्तेमाल किया।

रोजाना कॉफी पीने वाले 447,357 लोगों की सूचनाएं ली गईं और लगातार 10 सालों तक उनपर नजर रखी गई। शुरुआती वक्त में किसी भी प्रतिभागी को कैंसर नहीं था।
अध्ययन के दौरान देखा गया कि अधिक कॉफी पीने वाले लोगों में त्वचा कैंसर का जोखिम कम सामने आया। रोजना चार कप या इससे ज्यादा कॉफी पीने वाले लोगों में त्वचा कैंसर का जोखिम 20 फीसदी तक कम देखा गया।
साथ ही, कॉफी सेवन की मात्रा एक कप से लेकर चार कप तक जैसे-जैसे बढ़ती गई, त्वचा कैंसर का जोखिम कम होता गया। यह अध्ययन पत्रिका 'नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट' में प्रकाशित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
