जानें, हस्‍तमैथुन से शरीर पर कैसा प्रभाव पड़ता है?

By Staff

हस्‍तमैथुन के बारे में हम खुल कर बात करना पसंद नहीं करते, पर जान कर भी अंजान बने रहना गलत बात है। हस्‍तमैथुन को ले कर कई लोगों के अंदर काफी सारी भ्रांतियां हैं, जैसे क्‍या इसे करना ठीक है? क्‍या टीनेज में ऐसा करने से विकास रुक सकता है? क्‍या इसे करने से शरीर को नुकसान पहुंचता है? क्‍या हस्थमैथुन ज्‍यादा से ज्‍यादा किया जाना चाहिये? या फिर क्या हस्थमैथुन करने से नपुंसकता आती है?

ऐसे ही अजीब और गरीब सवालों का जवाब आज हम यहां पर देंगे और बताएंगे कि वास्‍तव में हस्‍तमैथुन शरीर पर किसी भी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं डालता। अगर आपको भी हस्‍तमैथुन की बात करते हुए शर्म महसूस होती है, तो आपकी जानकारी के लिये बता दें कि आंकड़ों के अनुसार 95 प्रतिशत पुरुष और 89 प्रतिशत महिलाएं, डेली बेसिस पर हैस्‍तमैथुन करते हैं।

अगर आपने इसकी लत डाल ली है तो, यह एक नशे की तरह आपके पीछे पड़ जाएगा। अब आइये देखते हैं हस्‍तमैथुन करने से शरीर पर कैसा प्रभाव पड़ता है?

सही हार्मोन का

सही हार्मोन का

2009 में मिशिगन विश्वविद्यालय, द्वारा किये गए एक शोध में पाया गया है कि कामेच्‍छा के कारण से शरीर में डोपामाइन, एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन (जो कि लव हार्मोन के नाम से जाने जाते हैं) वह रिलीज़ होना शुरु हो जाते हैं। इन हार्मोन की वजह से शरीर में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन जो कि (तनाव को बढ़ाता है) के रिलीज़ होने की क्षमता धीमी पड़ जाती है। इसलिये हस्‍तमैथुन करने से आप खुश और तनाव रहित रहते हैं।

जंक फूड खाने की इच्‍छा घटाए

जंक फूड खाने की इच्‍छा घटाए

ऑक्सीटोसिन हार्मोन का लेवल जब हाई होता है, तब हम खुश हो जाते हैं। जिस वजह से हमें शक्कर, चीज़ और अन्य जंक फूड खाने की इच्छा कम होती है। हालांकि आपकी भूख भी बढ़ती है, जिस वजह से आप अच्छा आहार लेते हैं।

स्‍पर्म की क्‍वालिटी बढाए

स्‍पर्म की क्‍वालिटी बढाए

ऐसा करने से DNA की क्षति कम होती है और ताजा शुक्राणुओं की गतिशीलता बढ़ती है।

सकारात्मकता बढ़ती है

सकारात्मकता बढ़ती है

वे महिलाएं जो हस्तमैथुन नियमित करती हैं, वह अपने शरीर को ले कर काफी सकारात्मक रहती हैं। उन्हें पता होता है कि कामेच्छा और खुशी पाने के लिये उन्हें क्या करना होगा। साथ ही यह उनकी भावात्मक बुद्धि को बढावा दे कर उन्हें अपने शरीर से जुड़ने में और भी ज्यादा मदद करता है।

महिलाओं के लिये

महिलाओं के लिये

हस्तमैथुन से जब कामेच्छा बढ़ती है तो शरीर में रक्त का सर्कुलेशन दिमाग और प्रजनन अंगों तक बढ़ जाता है, जिससे कि सिरदर्द और माहवारी में होने वाला दर्द नहीं होता। मैथुन करने वाली महिलाएं भी आम तौर पर बाकियों की तुलना में खुश और तनाव मुक्त रहती हैं। खास तौर से पीरियड्स के दिनों में।

 सेक्‍स लाइफ सुधारे

सेक्‍स लाइफ सुधारे

जब आप सोलो ही ऐसा करते हैं तो, आप खुद को लंबे समय तक कामेच्छा में रखने का प्रयास करते हैं। इससे आपकी प्रेक्टिस होती हैं और फिर आप अपने पार्टनर के साथ अच्छी तरह से सेक्स कर पाते हैं।

रात में अच्छी नींद

रात में अच्छी नींद

जब ऑक्सिटॉक्सिन और एंडोर्फिन हॉर्मोन्स रिलीज हो जाते हैं, तब आप फील गुड जोन में होते हैं। हस्तमैथुन के दौरान इन हॉर्मोन्स के निकल जाने के बाद आप बेफिक्र होकर बिना किसी बेचैनी के सोते हैं। अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है।

वर्जीनिया पॉलिटेक्न‍िक इंस्‍ट‍िट्यूट में मास्‍टरबेशन पर एक अध्‍ययन किया गया जिसमें इससे जुड़े कुछ और रोचक तथ्‍य पाये गये। दरअसल ये बातें उस सर्वे में सामने आयीं, जो इस अध्‍ययन के अंतर्गत किया गया। सर्वे में 12.5 प्रतिशत पुरुषों ने यह स्वीकार नहीं किया कि वे मैथुन करते हैं वहीं 37.5 महिलाएं ऐसी थीं, जो इस पर बात करने तक से झिझक रही थीं। 25 प्रतिशत पुरुष और 46.5 प्रतिशत महिलाएं इस पर बात करने में कतई नहीं झिझके। उनके लिये ये नॉर्मल क्रिया है। हालांकि इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि लोगों में

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