Latest Updates
-
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश
पानी को बार-बार क्यूं नहीं उबालना चाहिये?
उबले हुए पानी को एक बार फिर से उबालकर इस्तेमाल में लाना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि पानी के घटक यानि पानी जिनसे मिलकर बना होता है, वह उलट हो जाता है और सेहत के लिए नुकसानदायक होता है।
पानी को बार-बार उबालने से इसमें आर्सेनिक, नाईट्रेट और फ्लूराइड की मात्रा ज्यादा हो जाती है और इससे शरीर को नुकसान पहुंचता है।

पानी को उबालने से उसकी भाप निकलकर वापस उसी में चली जाती है, जो और भी नुकसानदायक होती है, बल्कि कहा जा सकता है कि उसी के कारण नुकसान होता है।
READ MORE: गर्म पानी पीने के 9 बडे़ फायदे
पानी एक बार उबलने पर मिनरल को दुबारा सेट करता है, ठंडा हो जाने पर पानी में सभी लवण सेट हो जाते हैं लेकिन अगर उसे फिर से गर्म किया जाएं, तो उसमें दुबारा से कैमिकल रिएक्शन होते हैं और सब कुछ संतुलित मात्रा से कम या ज्यादा हो जाता है।
आइए जानते हैं बार-बार उबले पानी को इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान:
टॉक्सिक नाईट्रेट: पानी को गर्म करने पर इसमें नाईट्रेट एक्सपोज़ हो जाता है लेकिन अगर इसे बार-बार गर्म किया जाएं तो यह टॉक्िसक में बदल जाता है। उच्च तापमान, नाईट्रेट को नाईट्रोसामाइन और कारसिनोजेनिक में परिवर्तित कर देता है। इससे कई प्रकार का कैंसर हो सकता है।
आर्सेनिक इंटॉक्सिकेशन: एक हद से ज्यादा पानी को गर्म करने पर आपको आर्सेनिक की घातक मात्रा पानी में मिलेगी। इससे कैंसर, हार्ट अटैक, मस्तिष्क सम्बंधी बीमारियां आदि होने का खतरा रहता है। यहां तककि प्रजनन क्षमता पर भी असर पड़ता है।
फ्लूराइड की उच्च मात्रा: पानी को ज्यादा उबालने पर इसमें फ्लूराइड की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है जिसके कारण, इससे दिमागी बीमारी, बच्चों में होने का खतरा रहता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications