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जानें दिल का दौरा पड़ने के बाद इंसान किस कदर बदल जाता है
हार्ट अटैक ऐसी घातक चीज़ है जो तुरंत ही व्यक्ति की जान ले लेती है तथा जिसके बारे में सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वास्तव में एक सर्वेक्षण से पता चला कि हाल ही में दिल के दौरे से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ गयी है।
जैसा कि हम सब जानते हैं कि हार्ट अटैक तब आता है जब धमनियों में रक्त के थक्के जम जाते हैं तथा हृदय को रक्त प्रवाह नहीं मिल पाता जिसके कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती।
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जब ऐसा होता है तो हृदय के ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जिसके कारण कोई भी अंग ख़राब हो सकता है। हार्ट अटैक आने के कई कारण हैं जैसे मोटापा, खाने की अस्वास्थ्यकर आदतें, धूम्रपान, हृदय से संबंधित बीमारियाँ, कोलेस्ट्राल अधिक होना, उच्च रक्तचाप आदि।
जब कोई व्यक्ति जीवन के लिए घातक स्थिति से बचकर निकलता है तब उसके जीवन में एक नया प्रबल मोड आ जाता है। जिन तकलीफों से होकर वह गुज़रा उसकी यादें, बीमारी के बाद के परिणाम, दवाईयों के दुष्परिणाम, बीमारी के पुन: लौट आने का डर, आदि चीज़ें व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह बदल देती हैं।
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आइए इस लेख के द्वारा जाने की हार्ट अटैक से बचने के बाद व्यक्ति के जीवन में किस तरह का बदलाव आता है।

वे अपना ध्यान रखने लगते हैं
हार्ट अटैक के बाद व्यक्ति अपनी देखभाल बेहतर तरीके से करते हैं तथा अपनी स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को प्राथमिकता देने लगते हैं तथा इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि वे एक स्वस्थ जीवन शैली का अनुसरण करें।

वे अवसाद से लड़ना सीख जाते हैं
सामान्यत: ऐसे व्यक्ति जो घातक बीमारियों से बचकर निकलते हैं उन्हें अक्सर बीमारी के लौट कर आने की चिंता बनी रहती है। वे लोग जो इस स्थिति का सामना नहीं कर पाते उन्हें किसी पेशेवर व्यक्ति की सहायता लेनी चाहिए।

वे तनाव से निपटना सीख जाते हैं
हार्ट अटैक से बचकर निकलने वाले लोग यह जानते हैं कि तनाव भी हार्ट अटैक की एक वजह हो सकता है अत: वे तनाव कम करने का तथा शांत रहने का प्रयत्न करते हैं।

वे स्वीकार करना सीख जाते हैं
ऐसे रोगी जिन्हें गंभीर हार्ट अटैक आ चुका है वे धीरे धीरे यह मान लेते हैं कि उनके शरीर में कुछ ऐसी खराबी आ चुकी है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता तथा वे पहले जैसे स्वस्थ नहीं हो सकते।

वे स्वस्थ आहार लेना प्रारंभ कर देते हैं
हार्ट अटैक के बाद बचे हुए लोग स्वयं के प्रति अधिक जागरूक हो जाते हैं तथा इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि वे अपने आहार में स्वस्थ परिवर्तन करें तथा धूम्रपान और शराब के सेवन को छोड़कर स्वस्थ जीवन शैली अपनाएँ।

उन्हें सहारे के लिए कंधे की आवश्यकता होती है
हार्ट अटैक के बाद बचे हुए रोगी को अपने परिवार और मित्रों से भावनात्मक सहारे की आवश्यकता होती है ताकि वे इस कटु अनुभव से अकेले न गुजरें।

वे जीवन को सराहना शुरू का देते हैं
हार्ट अटैक के बाद बचे हुए लोग जीवन की छोटी छोटी खुशियों का भी आनंद उठाते हैं क्योंकि वे अपने जीवन को तथा अपने प्रियजनों को खोने के एहसास के काफी करीब से गुज़र चुके होते हैं।



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