एक चम्‍मच देशी घी से पाएं स्वास्थ्य और सौंदर्य लाभ

आइये जानते है कि स्वास्थ्य और सौंदर्य को लाभ पहुंचाने वाला घी आपे शरीर, आत्मा और दिमाग के लिए किस प्रकार लाभदायक है।

By Radhika Thakur

जाहिर सी बात है कि, हम सभी जानते हैं कि किस प्रकार शुद्ध देशी घी का उपयोग करने से हमारे खाने का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं परन्तु कई लोगों के मन में इस घी के साथ मोटापे का डर जुड़ जाता है। हम में से बहुत कम लोग जानते हैं कि यह पारंपरिक सुपर फ़ूड न केवल पोषक तत्वों से समृद्ध होता है बल्कि किचन में आवश्यक सात स्वस्थ फैट्स में से भी एक है।

तो यदि आप देशी घी से पूरी तरह परहेज करते हैं तो कम से कम सुंदरता के लिए और सुगठित शरीर के लिए आपको पुन: सोचना चाहिए। आखिरकार इसके कुछ तो कारण होगा कि दादी मां इसे पवित्र, औषधीय और पोषक मानती हैं।

आइये देखें कि स्वास्थ्य और सौंदर्य को लाभ पहुंचाने वाला घी आपे शरीर, आत्मा और दिमाग के लिए किस प्रकार लाभदायक है।

सौंदर्य लाभ #1. त्वचा को चमकदार बनाता है

सौंदर्य लाभ #1. त्वचा को चमकदार बनाता है

क्या आप जानते हैं कि घी आपकी सुन्दरता के लिए चमत्कारिक रूप से प्रभावी है? यह त्वचा की नमी को बनाये रखता है और त्वचा को शुष्क और खुरदुरा होने से बचाता है। घी का प्रतिदिन उपयोग करें और आप देखेंगे कि अन्य यह अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स से अलग है। घी, दूध और बेसन मिलाकर क्रीमी पेस्ट बनायें। इसे चेहरे पर 20 मिनिट तक लगाकर रखें और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो डालें। घी का सेवन करने से भी असर होता है। दाल और चांवल पकने के बाद उसमें थोड़ी मात्रा में घी मिलाएं।

#2. फटे होंठों के उपचार में सहायक

#2. फटे होंठों के उपचार में सहायक

यदि आपके होंठों की कोमलता और नमी कम हो रही है तो होंठों पर घी लगायें। फटे हुए होंठों पर घी लगाने से होंठ नरम हो जाते हैं। होंठों की शुष्कता को दूर करने के लिए और उनका गुलाबी रंग लौटाने के लिए अपनी नाभि पर घी की कुछ बूँदें लगायें। होंठों को नरम और नमीयुक्त बनाने के लिए रोज़ रात को सोने से पहले यह करें

#3. सुस्त आंखों में जान डालता है

#3. सुस्त आंखों में जान डालता है

घी में उपस्थित विटामिन ए थकी हुई और सुस्त आँखों को आराम पहुंचाता है। नियमित तौर पर अपनी आंखों के नीचे घी लगायें और कुछ ही दिनों में चमकीली, ताज़ा और रिलेक्स्ड आँखें पायें। आँखों की दृष्टि बढ़ाने के लिए घी की कुछ बूँदें तलुओं में लगायें। घी डार्क सर्कल्स को भी कम करता है। आँखों की ऊपरी पलक पर घी कुछ बूंदें डालें और धीरे धीरे मलें।

#4. अनियंत्रित बालों को नरम बनाता है

#4. अनियंत्रित बालों को नरम बनाता है

जी हांं, अस्त व्यस्त और बिखरे बालों के लिए घी बहुत उपयोगी है। यह बालों को न केवल नरम बल्कि चमकीला और मज़बूत बनाता है। तो जब भी आपके बालों पर किसी भी चीज़ का असर न हो तब घी का उपयोग करें। यदि आपको रूसी (डैंड्रफ), दोमुहें बाल और बाल झड़ने की समस्या है तो आप घर पर ही घी की सहायता से डीप कंडीशनिंग की जा सकती है। आपको केवल गुनगुने घी से सिर की त्वचा की मालिश करनी है। सिर की त्वचा से नीचे की ओर मालिश करें और इसे 20 मिनिट तक लगा रहने दें। इसके बाद बालों को शैंपू से धो डालें।

स्वास्थ्य लाभ #1. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

स्वास्थ्य लाभ #1. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

शोधों के अनुसार घी में पोषक तत्व, एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन ए तथा ई पाए जाते हैं जो मुक्त कानों से लड़ते हैं और इस प्रकार हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाते हैं। इसके अलावा घी में डिटॉक्सीफिकेशन गुण भी होते हैं अत: घी हमारे प्रतिरक्षा तंत्र का सबसे उत्तम मित्र है। घी में उपस्थित शक्तिशाली तत्व किसी भी बीमारी को शरीर में प्रवेश करने से रोकते हैं।

#2. दिल की बीमारी और कैंसर के खतरे को कम करता है

#2. दिल की बीमारी और कैंसर के खतरे को कम करता है

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार घी दिल के लिए फायदेमंद होता है और दिल की बीमारी से आपकी रक्षा करता है। घी में लिनोलिक एसिड की उच्च मात्रा पाई जाती है जो कैंसर उत्पन्न करने वाले कारकों, धमनी की समस्या और डाइबिटीज से रक्षा करता है। संक्षेप में इस प्राचीन खाद्य पदार्थ में कैंसर उत्पन्न करने वाले कारकों से लड़ने की क्षमता होती है।

#3. खाना पकाने का उत्तम माध्यम

#3. खाना पकाने का उत्तम माध्यम

खाना बनाने में घी का उपयोग केवल स्वाद और सुगंध के लिए के लिए नहीं किया जाता बल्कि यह यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है और शुद्ध होता है। खाना पकाने के उपयोग में आने वाले तेलों की तरह उच्च ताप पर घी विभाजित नहीं होता। तेलों के विभाजित होने से मुक्त कण बनते हैं। घी का जलन बिंदु उच्च होता है और यही कारण है कि इससे न तो धुंआ निकलता है और नही यह जलता है।

#4. ब्रेन की कार्यप्रणाली में सुधार लाता है

#4. ब्रेन की कार्यप्रणाली में सुधार लाता है

घी से दूर न रहने का यह एक अन्य कारण है। घी में उपस्थित फैट शरीर में कुछ महत्वपूर्ण कार्य करते हैं जिसमें दिमाग और मस्तिष्क भी शामिल है। घी को संतुलित मात्रा में खाएं क्योंकि यह मस्तिष्क के लिए एक अच्छा खाद्य है और मस्तिष्क में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाता है। आयुर्वेद के अनुसार घी मनुष्यों में याददाश्त बढ़ाता है और बुद्धिमानी और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ाता है। इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं का निर्माण होता है जो तनाव और समस्याओं से लड़ने में सहायक होती है। शुद्ध घी के नियमित उपयोग से शारीरिक और मानसिक मज़बूती आती है।

#5. भूख बढ़ाता है और पाचन में सुधार लाता है

#5. भूख बढ़ाता है और पाचन में सुधार लाता है

घी गैस्ट्रिक एसिड के स्त्राव को उत्तेजित करता है इससे शरीर की भोजन पाचन की क्षमता बढ़ती है। इसे आयुर्वेदिक औषधि भी माना जाता है जो मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है। यह शरीर से व्यर्थ पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होता है और इस प्रकार भूख को बढ़ाने में सहायक होता है।

 #6. शरीर को सही फैट्स प्रदान करता है

#6. शरीर को सही फैट्स प्रदान करता है

शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों को करने के लिए कुछ फैट्स की आवश्यकता होती है। इन कार्यों में पाचक अम्लों से पेट की रक्षा करना, कोशिका झिल्ली, त्वचा और ब्रेन को मज़बूत बनाना शामिल है।

घी में उपस्थित फैट्स शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए लाभ प्रदान करते हैं। जबकि हाइड्रोजनीकृत तेल या मक्खन का ऑक्सीकृत कोलेस्ट्रोल शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। हमारे जोड़ों का स्वास्थ्य लम्बे समय तक अच्छा बनाये रखने के लिए भी घी बहुत आवश्यक है।

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