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लड़के और लड़कियों के दिमाग पर अलग तरीके से असर करता है डिप्रेशन
आजकल इस भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में डिप्रेशन यानि अवसाद की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि इस समस्या का शिकार शिक्षित वर्ग भी तेजी से हो रहा है।
आजकल इस भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में डिप्रेशन यानि अवसाद की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि इस समस्या का शिकार शिक्षित वर्ग भी तेजी से हो रहा है।
लंबे समय तक रहने वाला तनाव आपकी याद्दाश्त की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि अवसाद का लड़के और लड़कियों पर अलग-अलग तरीके से प्रभाव पड़ता है।
निष्कर्ष बताते हैं कि 15 साल की उम्र में लड़कियां लड़कों की तुलना में दोगुना अवसाद की चपेट में आ सकती हैं। वास्तव में इमेज इशू, हार्मोनल उतार-चढ़ाव और आनुवांशिक कारकों की वजह से लड़कियों को लड़कों की तुलना में अवसाद का अधिक खतरा होता है।

शोधकर्ताओं ने कहा है कि हालांकि लिंगों के बीच मतभेदों में न केवल अवसाद का सामना करने का जोखिम शामिल है, बल्कि यह भी कि विकार कैसे पैदा होता है और इसके परिणाम क्या हो सकते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के शोधकर्ता जी-यू चुआंग के अनुसार, पुरुष लगातार अवसाद से पीड़ित होते रहते हैं, जबकि महिलाएं अवसाद अधिक प्रासंगिक है। इसके अलावा महिलाओं के मुकाबले, तनाव से पीड़ित पुरुषों को अपने अवसाद से गंभीर परिणाम भुगतना पड़ते हैं।
फ्रंटियर साइकाइट्री में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने अवसाद से पीड़ित 82 लड़कों और 24 लड़कियों को शामिल किया था। इसमें 24 स्वस्थ लड़कियां और 10 स्वस्थ लड़के भी थे, जिनकी उम्र 11 से 18 सल थी।
शोधकर्ताओं ने तब अवसाद से पीड़ित किशोरों को खुश या दुखी शब्दों में उजागर किया और उनके दिमागों को चित्रित किया।
परिणामों से संकेत मिलता है कि अवसाद मस्तिष्क की गतिविधि को प्रभावित करता है जो मस्तिष्क क्षेत्रों में लड़कों और लड़कियों के बीच अलग-अलग होता है।
चुआंग के अनुसार, अवसाद की रोकथाम के लिए सेक्स-स्पेसिफिक ट्रीटमेंट और रोकथाम रणनीतियों को किशोरावस्था में माना जाना चाहिए। यकीनन प्रारंभिक चरण में इलाज की सहायता से बीमारी की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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