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यीस्ट इन्फेक्शन के इलाज के लिए नारियल तेल का ऐसे करें इस्तेमाल
यीस्ट इन्फेक्शन बॉडी के अंगों को प्रभावित कर सकता है। आप नारियल तेल के इस्तेमाल से भी विभिन्न फंगल इन्फेक्शन से राहत पा सकते हैं।
मानसून में नमी बढ़ने से फंगस के बढ़ने का भी अधिक खतरा होता है। सबसे बड़ी बात इन दिनों वैजाइना सहित बॉडी के कई हिस्सों में नमी बढ़ने से महिलाओं को यीस्ट इन्फेक्शन का ज्यादा खतरा होता है।
यीस्ट इन्फेक्शन बॉडी के अंगों को प्रभावित कर सकता है। इससे निपटने के लिए डॉक्टर आपको कई एंटी-फंगल मेडिसिन के सलाह दे सकते हैं लेकिन इनका कम असर होता है। आप नारियल तेल के इस्तेमाल से भी विभिन्न फंगल इन्फेक्शन से राहत पा सकते हैं।

नारियल तेल में लौरिक, कैप्रिक और कैप्रिलिक एसिड तीन तत्व होते हैं, जिनका एंटीवायरल, एंटिफंगल, और एंटीबैक्टीरियल प्रभाव पड़ता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो यीस्ट और अन्य फंगल को खत्म करते हैं।

1) टोपिकल एप्लीकेशन
सामग्री
- नारियल का तेल
- नारियल तेल
- किसी भी एस्सेंशल ऑयल की कुछ बूंद
- रॉड शेप में एक सिलिकॉन मोल्ड
- 2 नारियल के तेल के चम्मच
- दालचीनी तेल के 2 बड़े चम्मच
- 2 नारियल के तेल के चम्मच
- टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें
तरीका
1) प्रभावित क्षेत्र को पानी से धो लें और इसे सूखा लें।
2) प्रभावित क्षेत्र पर नारियल तेल लगाएं।
3) बेहतर रिजल्ट के लिए इसे दिन में तीन बार लगाएं।

2) कोकोनट ऑयल सपोसिटरी
इसे टैम्पोन की शेप में बनाया जाता है और वैजाइना में रखा जाता है।
सामग्री
तरीका
1) नारियल तेल पिघल और किसी भी आवश्यक तेल की कुछ बूंदों को जोड़ने।
2) इसे सिलिकॉन मोल्ड में रखें और इसे 15-20 मिनट के लिए फ्रीज करें।
3) उन्हें ढालना से निकालें, उन्हें आकारों में तोड़ दें, जिनके साथ आप आराम कर रहे हैं।
4) योनि में उन्हें गहरा डालें। नारियल का तेल उस समय पिघलने शुरू करेगा, जिससे वह शरीर को छू लेगा।
5) किसी भी गंदगी से बचने के लिए पैड पहनना उचित है।

3) नारियल और दालचीनी तेल
यह उपचार त्वचा पर यीस्ट के विकास को कम करने में प्रभावी है।
सामग्री
तरीका
1) एक कटोरी में दोनों तेलों को मिलाएं।
2) प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
3) इसे पूरी तरह से ड्राई होने दें। संक्रमण कम होने तक आवश्यक रूप से दोहराएं।

4) नारियल और टी ट्री ऑयल
टी ट्री ऑयल में माइक्रोबियल गुण होते हैं, फंगस को खत्म करने में मदद मिलती है।
सामग्री
तरीका
1) दोनों तेलों के अच्छी तरह मिलाएं और प्रभावित हिस्से पर लगाएं।
2) 15 मिनट बाद धो लें और जरूरत पड़ने पर फिर लगाएं।
इस बात का रखें ध्यान
यीस्ट इन्फेक्शन से बचने के लिए पूरी तरह नारियल तेल पर निर्भर रहना सही नहीं होगा।हालांकि इसके रोजाना इस्तेमाल करने से इन्फेक्शन जल्दी सही जरूर हो सकता है।



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