Latest Updates
-
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
रात को सोते समय अचानक डर से नींद टूट जाती है? यह है इसका कारण
कई लोगों को सोते समय अचानक बीच रात में जागने की समस्या होती है। उनकी आंख तो बंद होती है लेकिन वो मूव नहीं कर पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? चलिए हम आपको बताते हैं।
एक अच्छी नींद कई कारकों पर निर्भर करती है। इंटरनेट पर ऐसे कई आर्टिकल हैं, जिनमें बताया गया है कि सोने का सही या गलत तरीका क्या है। सोते और जागते समय आपकी क्या पोजीशन होनी चाहिए। लेकिन इस पर कम ही लोगों ने लिखा है कि रात को समय अचानक नींद क्यों खुल जाती है।
कई लोगों को सोते समय अचानक बीच रात में जागने की समस्या होती है। उनकी आंख तो बंद होती है लेकिन वो मूव नहीं कर पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? चलिए हम आपको बताते हैं।

ऐसा इसलिए होता है
विभिन्न सोशल और साइकोलोजिकल फैक्टर स्लीप पैरालिसिस को प्रभावित करते हैं। 2011 के पेपर में 36,000 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए 35 अध्ययनों में पाया गया कि 7.6 फीसदी लोग स्लीप पैरालिसिस से पीड़ित थे। इन लोगों में अधिकतर छात्र थे, जो डर, मेंटल डिसऑर्डर जैसे तनाव और अवसाद से पीड़ित थे।

ब्रेन के जागने पर बॉडी मूव क्यों नहीं होती?
ऐसा नॉन-आरईएम की वजह से होता है जिसे रैपिड आई मूवमेंट भी कहा जाता है। सोते समय सपने आना आम है लेकिन आरईएम के दौरान आने वाले सपने अधिक वास्तविक लगते हैं।
सपने में आपको ऐसा लगता है कि आप किसी पहाड़ी से गिर रहे हैं और आपको यह बिल्कुल वास्तविक लगता है। आरईएम के दौरान ब्रेन अधिक एक्टिव होता है। बहुत से लोग मानते हैं कि जब शरीर कार्य करने में सक्षम नहीं होता है इसे आरईएम एंटोनिया कहा जाता है।
यह प्रभाव कुछ मिनट या सेकंड तक रहता है। कई लोग अपने पास किसी की मौजूदगी भी महसूस करते हैं। शोधकर्ता बताते हैं कि यह आम तौर पर उन लोगों के साथ होता है जो उदास या परेशान होते हैं।

स्लीप पैरालिसिस तीन तरह के होते हैं.
1. इन्क्यबस
इसमें आप छाती पर दबाव महसूस करते हैं और आपको सांस लेने में कठिनाई होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप डरे हुए होते हैं।
2. इन्ट्रूडर
इसमें आपको डर लगता है और कुछ चीजें दिखना जैसा महसूस होता है। यहां तक कि कोई हल्की आवाज भी आपके दिल में भय पैदा कर देती हैं।
3. अनयूजुअल बॉडी एक्सपीरियंस
स्लीप पैरालिसिस से पीड़ित लोगों को ऐसा महसूस होता है कि वो कमरे के चारों ओर उड़ रहे हैं। ऐसा इसलिए होते है क्योंकि जब वो आधी नींद में होते हैं, तो उनका दिमाग विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
