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रात को सोते समय अचानक डर से नींद टूट जाती है? यह है इसका कारण
कई लोगों को सोते समय अचानक बीच रात में जागने की समस्या होती है। उनकी आंख तो बंद होती है लेकिन वो मूव नहीं कर पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? चलिए हम आपको बताते हैं।
एक अच्छी नींद कई कारकों पर निर्भर करती है। इंटरनेट पर ऐसे कई आर्टिकल हैं, जिनमें बताया गया है कि सोने का सही या गलत तरीका क्या है। सोते और जागते समय आपकी क्या पोजीशन होनी चाहिए। लेकिन इस पर कम ही लोगों ने लिखा है कि रात को समय अचानक नींद क्यों खुल जाती है।
कई लोगों को सोते समय अचानक बीच रात में जागने की समस्या होती है। उनकी आंख तो बंद होती है लेकिन वो मूव नहीं कर पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? चलिए हम आपको बताते हैं।

ऐसा इसलिए होता है
विभिन्न सोशल और साइकोलोजिकल फैक्टर स्लीप पैरालिसिस को प्रभावित करते हैं। 2011 के पेपर में 36,000 से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए 35 अध्ययनों में पाया गया कि 7.6 फीसदी लोग स्लीप पैरालिसिस से पीड़ित थे। इन लोगों में अधिकतर छात्र थे, जो डर, मेंटल डिसऑर्डर जैसे तनाव और अवसाद से पीड़ित थे।

ब्रेन के जागने पर बॉडी मूव क्यों नहीं होती?
ऐसा नॉन-आरईएम की वजह से होता है जिसे रैपिड आई मूवमेंट भी कहा जाता है। सोते समय सपने आना आम है लेकिन आरईएम के दौरान आने वाले सपने अधिक वास्तविक लगते हैं।
सपने में आपको ऐसा लगता है कि आप किसी पहाड़ी से गिर रहे हैं और आपको यह बिल्कुल वास्तविक लगता है। आरईएम के दौरान ब्रेन अधिक एक्टिव होता है। बहुत से लोग मानते हैं कि जब शरीर कार्य करने में सक्षम नहीं होता है इसे आरईएम एंटोनिया कहा जाता है।
यह प्रभाव कुछ मिनट या सेकंड तक रहता है। कई लोग अपने पास किसी की मौजूदगी भी महसूस करते हैं। शोधकर्ता बताते हैं कि यह आम तौर पर उन लोगों के साथ होता है जो उदास या परेशान होते हैं।

स्लीप पैरालिसिस तीन तरह के होते हैं.
1. इन्क्यबस
इसमें आप छाती पर दबाव महसूस करते हैं और आपको सांस लेने में कठिनाई होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप डरे हुए होते हैं।
2. इन्ट्रूडर
इसमें आपको डर लगता है और कुछ चीजें दिखना जैसा महसूस होता है। यहां तक कि कोई हल्की आवाज भी आपके दिल में भय पैदा कर देती हैं।
3. अनयूजुअल बॉडी एक्सपीरियंस
स्लीप पैरालिसिस से पीड़ित लोगों को ऐसा महसूस होता है कि वो कमरे के चारों ओर उड़ रहे हैं। ऐसा इसलिए होते है क्योंकि जब वो आधी नींद में होते हैं, तो उनका दिमाग विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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