Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
शादी से पहले कुंडली नहीं, ये 5 मेडिकल चेकअप जरुर कराएं
हमारे भारतीय समाज में शादी से पहले लड़का और लड़की की कुंडली मिलाने की रिवाज है, जिसमें 36 में से कम से कम 18 गुण मिलान होने पर ही लड़का और लड़की की शादी तय करवाई जाती है।
लेकिन कभी आपने शादी से पहले लड़का और लड़की का मेडिकल चेकअप कराया हैं। दरअसल हिंदू समाज में कुंडली मिलाने के पीछे यह उद्देश्य होता है कि कहीं लड़का और लड़की के ग्रह दोष तो नहीं जिस वजह से उनकी शादी में आगे चलकर कोई व्यवधान ना पड़े और सब कुछ सही रहें। इसी तरह मेडिकल चेकअप भी जरुरी हैं।
शादियों में लेन-देन से ज्यादा जरूरी मेडिकल चेकअप होता है। हालांकि ऐसा करना एक-दूसरे की कमियां निकालना नहीं है बल्कि इससे आप अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। क्योंकि शादी के बाद एक दूसरे की सेहत और स्वास्थय पर एक दूसरे का भविष्य निर्भर करता हैं। आइए जानते है कि शादी से पहले कौनसे जरूरी मेडिकल चेकअप करवाने चाहिए।

Rh फैक्टर
अगर लड़का-लड़की दोनों का Rh फैक्टर एक समान है तो बहुत अच्छा है। प्रेगनेंसी के समय बच्चे और मां का अलग-अलग Rh फैक्टर होने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कई बार होता है कि लड़के का ब्लड ग्रुप नेगेटिव और लड़की का पॉजीटिव हो तो इसका असर शादी के बाद होने वाली संतान पर पड़ता हैं।

ओवरी की जांच
अगर आप एक महिला हैं और आपकी उम्र ज्यादा है तो अपनी ओवरी की जांच जरूर कराएं। इससे आपके मां बनने की क्षमता का पता चल जाएगा।

जेनेटिक डिजीज चैकअप
आनुवांशिक बीमारियों (जेनेटिक डिजीज) को जानने के लिए जेनेटिक टेस्ट करवाना जरूरी है क्योंकि इससे ये पता चल जाता है कि आपके होने वाले पार्टनर को कोई अनुवांशिक बीमारी तो नहीं है। जानकारी होने पर आप बचाव कर सकते हैं।

एचआईवी
ज़ाहिर है कि एचआईवी का नाम सुनकर लोग अनसुना करने लगते हैं। लेकिन ये एक जानलेवा बीमारी हैं। बात जब पूरी ज़िंदगी साथ बिताने की हो, तो बेहतर है कि दोनों साथी सहमति से एक बेहतर जीवन के लिए अपनी जांच करवा लें।

इनफर्टिलिटी स्क्रीनिंग
एक जो सबसे जरूरी जांच है वह है इनफर्टिलिटी स्क्रीनिंग, जिसे लड़का और लड़की दोनों को कराना चाहिए। इन जाचों से बिल्कुल भी नहीं कतराना चाहिए, क्योंकि शादी के बाद कपल्स को पूरी लाइफ साथ ही रहना है। ये चेकअप हर किसी को कराना चाहिए, चाहे आप अरेंज मैरेज कर रहे हों या लव मैरेज।



Click it and Unblock the Notifications