Latest Updates
-
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
शादी से पहले कुंडली नहीं, ये 5 मेडिकल चेकअप जरुर कराएं
हमारे भारतीय समाज में शादी से पहले लड़का और लड़की की कुंडली मिलाने की रिवाज है, जिसमें 36 में से कम से कम 18 गुण मिलान होने पर ही लड़का और लड़की की शादी तय करवाई जाती है।
लेकिन कभी आपने शादी से पहले लड़का और लड़की का मेडिकल चेकअप कराया हैं। दरअसल हिंदू समाज में कुंडली मिलाने के पीछे यह उद्देश्य होता है कि कहीं लड़का और लड़की के ग्रह दोष तो नहीं जिस वजह से उनकी शादी में आगे चलकर कोई व्यवधान ना पड़े और सब कुछ सही रहें। इसी तरह मेडिकल चेकअप भी जरुरी हैं।
शादियों में लेन-देन से ज्यादा जरूरी मेडिकल चेकअप होता है। हालांकि ऐसा करना एक-दूसरे की कमियां निकालना नहीं है बल्कि इससे आप अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। क्योंकि शादी के बाद एक दूसरे की सेहत और स्वास्थय पर एक दूसरे का भविष्य निर्भर करता हैं। आइए जानते है कि शादी से पहले कौनसे जरूरी मेडिकल चेकअप करवाने चाहिए।

Rh फैक्टर
अगर लड़का-लड़की दोनों का Rh फैक्टर एक समान है तो बहुत अच्छा है। प्रेगनेंसी के समय बच्चे और मां का अलग-अलग Rh फैक्टर होने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कई बार होता है कि लड़के का ब्लड ग्रुप नेगेटिव और लड़की का पॉजीटिव हो तो इसका असर शादी के बाद होने वाली संतान पर पड़ता हैं।

ओवरी की जांच
अगर आप एक महिला हैं और आपकी उम्र ज्यादा है तो अपनी ओवरी की जांच जरूर कराएं। इससे आपके मां बनने की क्षमता का पता चल जाएगा।

जेनेटिक डिजीज चैकअप
आनुवांशिक बीमारियों (जेनेटिक डिजीज) को जानने के लिए जेनेटिक टेस्ट करवाना जरूरी है क्योंकि इससे ये पता चल जाता है कि आपके होने वाले पार्टनर को कोई अनुवांशिक बीमारी तो नहीं है। जानकारी होने पर आप बचाव कर सकते हैं।

एचआईवी
ज़ाहिर है कि एचआईवी का नाम सुनकर लोग अनसुना करने लगते हैं। लेकिन ये एक जानलेवा बीमारी हैं। बात जब पूरी ज़िंदगी साथ बिताने की हो, तो बेहतर है कि दोनों साथी सहमति से एक बेहतर जीवन के लिए अपनी जांच करवा लें।

इनफर्टिलिटी स्क्रीनिंग
एक जो सबसे जरूरी जांच है वह है इनफर्टिलिटी स्क्रीनिंग, जिसे लड़का और लड़की दोनों को कराना चाहिए। इन जाचों से बिल्कुल भी नहीं कतराना चाहिए, क्योंकि शादी के बाद कपल्स को पूरी लाइफ साथ ही रहना है। ये चेकअप हर किसी को कराना चाहिए, चाहे आप अरेंज मैरेज कर रहे हों या लव मैरेज।



Click it and Unblock the Notifications
