ज्‍यादा मेकअप लगाती हैं तो हो जाएं सावधान, पढ़ें इसके नुकसान

By Radhika Thakur

यदि आप उन लोगों में से हैं जो रोज़ अच्छा दिखना चाहती हैं और स्वयं को सुंदर दिखाने के लिए आप बहुत सारा मेकअप करती हैं तो आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि बहुत अधिक मेकअप से आपके स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है!

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आजकल बाज़ार में मेकअप के कई उत्पाद उपलब्ध हैं जो आपको सुंदर बनाने का वादा करते हैं जिसके कारण आपको प्रतिदिन मेकअप करने से स्वयं को रोक पाना कठिन हो जाता है।

सही कॉस्मेटिक्स का उपयोग करके आप चेहरे के दाग धब्बे छुपा सकती हैं, आँखों को सेक्सी बना सकती हैं, अपने नाक नक्श को निखार सकती हैं और अपनी पसंद के लिपस्टिक का चुनाव करके होंठों को भी सुंदर बना सकती हैं।

हमने देखा है कि मेकअप में व्यक्ति के व्यक्तित्व को पूरी तरह से बदलने की ताकत होती है, वह भी केवल कुछ ही मिनिटों में और बिना किसी सर्जरी के!

हालाँकि यह बात भी सच है कि अधिकाँश मेकअप के उत्पादों में अनेक केमिकल्स होते हैं जो आपकी त्वचा और स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा सकते हैं।

1. हड्डियों की बीमारी:

1. हड्डियों की बीमारी:

ऐसा देखा गया है कि गालों के लिए उपयोग में लाये जाने ब्लश में कैडियम होता है जो आपकी त्वचा के रोम छिद्रों से हड्डियों तक पहुँचता है जिसके कारण हड्डियों की बीमारी और संक्रमण की संभावना होती है।

2. किडनी फेल होना:

2. किडनी फेल होना:

पुन: गालों के लिए उपयोग में लाये जाने वाले ब्लश और ब्रोंज़र्स में कैडियम होता है जो किडनी को प्रभावित कर सकता है, यदि यह आपके शरीर के अन्दर चला जाता है तो इसके कारण किडनी फेल भी हो सकती है।

3. बांझपन:

3. बांझपन:

कुछ लिपस्टिक, सनस्क्रीन और फाउंडेशन में लेड (सीसा) पाया जाता है जिसके कारण हार्मोन्स में असंतुलन होता है और इसके कारण कई महिलाओं में बांझपन की समस्या हो सकती है।.

 4. विलंबित यौवन:

4. विलंबित यौवन:

जब छोटी लडकियां लेड युक्त मेकअप उत्पादों का बहुत अधिक उपयोग करती हैं तो इसके कारण उनके हार्मोन्स में असंतुलन हो जाता है जिसके कारण उनमें यौवन देरी से आता है।

 5. चक्कर आना:

5. चक्कर आना:

कॉस्मेटिक उत्पाद जैसे नेल पॉलिश, हेयर डाई आदि में नुकसानदायक पदार्थ टोलुएन पाया जाता है जिसके कारण चक्कर आना और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

6. कैंसर

6. कैंसर

कुछ लिप बाम, लिपस्टिक और सनस्क्रीन में विषारी पदार्थ बेंजोफेनोन पाया जाता है जो यूवी (अल्ट्रा वायलट) किरणों से रक्षा करने का दावा करता है हालाँकि इस केमिकल के कारण कैंसर हो सकता है।

 7. एंडोक्राइन बीमारियाँ

7. एंडोक्राइन बीमारियाँ

कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद जैसे क्रीम्स, मॉस्चराईज़र, हेयर कंडीशनर, फाउन्डेशन आदि में पराबेन्स नामक केमिकल पाया जाता है जो आपके एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित करता है और इससे संबंधित बीमारियों का कारण बनता है।

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