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दर्द से निपटने के 10 प्राकृतिक उपचार
ऐसे कुछ प्राकृतिक दर्द निवारक हैं जिनका प्रयोग बहुत सारी बीमारियों में किया जाता है। ये प्राकृतिक दर्दनिवारक बहुत जल्दी असर करते हैं और कई तरह के दर्द में इनको लाभदायक माना गया है।
अगर आपके शरीर में कहीं दर्द होता है तो सबसे पहले आप दर्द निवाराग दवाइयों की तरफ भागते हैं जिनसे आपका दर्द थोड़े समय के लिए ठीक हो जाता है। लेकिन उन दवाइयों का न सिर्फ आपके शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है बल्कि ये दर्द को सिर्फ कुछ ही समय के लिए दूर करती हैं।
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ऐसे कुछ प्राकृतिक दर्द निवारक हैं जिनका प्रयोग बहुत सारी बीमारियों में किया जाता है। ये प्राकृतिक दर्दनिवारक बहुत जल्दी असर करते हैं और कई तरह के दर्द में इनको लाभदायक माना गया है।
अपने खानपान में बदलाव से भी हम इन प्राकृतिक दर्द निवारक तरीकों को अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं जिससे हमारे स्वास्थ पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है।
हममे से ज़्यादातर लोग संसाधित खाद्य पदार्थ या डिब्बाबंद भोजन पर आश्रित रहते हैं जिनमें कोई भी पोषक तत्व नहीं होते हैं। हम जैसा भोजन करते हैं हमारा स्वास्थ भी वैसा ही होता है।
दवाइयां हर तरह के दर्द में लाभ नहीं देती हैं इसीलिए उनका इलाज प्राकृतिक रूप से ही करना बेहतर होता है।
अतः आगे पढ़ें और जाने कि किस प्रकार ये प्राकृतिक पदार्थ दर्द में असर करते हैं।

1। मांसपेशियों का दर्द:
अदरक जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द के लिए बहुत अच्छा उपचार है। इसमें जिंजरोल नामक रसायन होता है जो दर्द को दूर करने वाले हॉर्मोनों को स्रावित करता है।

2। दांत का दर्द:
दांत के दर्द और मसूड़ों के रोग में लौंग का प्रयोग बहुत लाभदायक है क्योंकि इसमें यूजेनोल नामक पदार्थ होता है जो दर्द कम करता है।

3। सीने में जलन:
सेब का सिरके में मैलिक अम्ल और टारट्रिक अम्ल होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं। ये भोजन में मौजूद वसा और प्रोटीन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं जिससे पेट जल्दी खाली होता है और अतिरिक्त मौजूद भोजन से होने वाली सीने की जलन बच जाती है।

4। कान का दर्द:
लहसुन का तेल गर्म करके कान में डालना लाब्दायक होता है क्योंकि उसमें मौजूद सल्फर और सेलेनियम दर्द पैदा करने वाले जीवाणुओं को नष्ट करते हैं। पांच ही दिनों में दर्द ख़त्म हो जाता है।

5। सिर दर्द:
एक कटोरी चेरी रोज़ खाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है। चेरी में मौजूद एंथोसायनिन सूजन कम करते हैं दर्द में लाभदायक होते हैं।

6। पेट से जुडी समस्याएं:
सार्डीन मछली, ट्राउट मछली, टूना और सैल्मन मछली खाने से पेट में सूजन और पाचन से जुडी समस्याएं ठीक होती हैं।

7। पीरियड्स का दर्द:
दही में बहुत सारा कैल्शियम और पोषक तत्व होते हैं जो तंत्रिका तंत्र को शांत करते हैं और पीरियड्स और उसके पहले होने पीला दर्द में आराम देते हैं।

8। पुराने दर्द:
आर्थराइटिस जैसे दर्द में हल्दी का प्रयोग बहुत अच्छा होता है। हल्दी में कर्कुमिन होता है जो दर्द में आराम पहुंचाता है।

9। अन्तर्गर्भाशयकला सम्बन्धी दर्द:
इस स्थिति में ओट खाना स्वस्थ और दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

10। पैरों के पंजों में दर्द:
नमक में जीवाणुरोधक गुण होते हैं साथ ही यह सूजन में भी लाभदायक होता है। पैरों कोण नमक घुले गुनगुने पाने में डुबो के रखने से पैरों के दर्द में आराम मिलता है।



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