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फुट फंगस के इलाज के लिए लहसुन का ऐसे करें इस्तेमाल
लहसुन एंटीमाइक्रोबल और एंटीफंगल गुण होते हैं। फंगस में मौजूद हानिकारक रोगाणुओं में से एक टिनिया पेडिस भी है। लहसुन में मौजूद एलीसिन इस रोगाणु से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
फुट फंगस यानि पैर में इंफेक्श न हो जाना। ये तब होता है जब पैरों के नाखूनों के आसपास की त्व चा पर कोई गंभीर चोट लग जाती है या कट जाता है। इस समस्याा का अगर सही समय पर उपचार ना किया जाए तो इंफेक्शन बढ़ सकता है।
मानसून के दौरान इसका सबसे अधिक खतरा होता है। इस दर्दनाक समस्या से लहसुन के इस्तेामाल से बचा जा सकता है।

आप इस समस्या से लहसुन से छुटकारा पा सकते हैं। लहसुन में कम कोलेस्ट्रॉौल होते हैं और ये इम्यू न सिस्ट म को बढ़ाने के साथ-साथ आपको साइनस की परेशानी से दूर रखता है।
लहसुन एंटीमाइक्रोबल और एंटीफंगल गुण होते हैं। फंगस में मौजूद हानिकारक रोगाणुओं में से एक टिनिया पेडिस भी है। लहसुन में मौजूद एलीसिन इस रोगाणु से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।

लहसुन पेस्ट
3-6 लहसुन की कली को पीसकर चिकना पेस्ट बना लें।
इसमें एक चम्मचा ओलिव ऑयल डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।
इस मिश्रण को एक कॉटन की गेंद से प्रभावित पैर पर लगाएं।
ऐसा दिन में 2-3 तब तक करें, जब तक आप यह नहीं देखते कि संक्रमण ठीक है।

लहसुन और एलोवेरा
एलोवेरा का एक टुकड़ा लें और इसमें से जेल निकालें।
लहसुन की कुछ कली का पेस्ट बना लें और उसे इस जेल में मिक्स करें।
इसे संक्रमित हिस्से पर लगाएं और इसे लगभग 30 मिनट तक छोड़ दें।
बाद में ठंडे पानी से धो लें। बेहतर परिणाम के लिए यह दिन में दो बार करें।

लहसुन और सेब का सिरका
लहसुन की 3-6 कली का पेस्ट बना लें।
इस पेस्ट में एक चम्मच सेब का सिरका डालकर मिक्स कर लें।
कॉटन की बॉल से प्रभावित क्षेत्र पर मिश्रण को लगाएं।
इसे लगभग 10 मिनट तक रखें और फिर इसे हटा दें।
बेहतर परिणाम के लिए दिन में दो बार ऐसा करें।

लहसुन और बेकिंग सोडा
लहसुन की कुछ कली को पीसकर रस निकाल लें।
इसे एक कटोरे में रखें और इसमें एक चम्मच बेकिंग सोडा मिक्स करें।
इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं और सूखने दें।
इसके बाद पानी से धो लें।
बेहतर परिणाम के लिए सप्ताह में एक बार करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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