Latest Updates
-
सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, जानें इसे बनाने का तरीका -
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
फैटी लिवर में कौन सा योग करें? जानें लिवर को साफ और मजबूत रखने के लिए योगासन -
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट
रिसर्च: सिर्फ महिलाएं ही नहीं मर्द भी घर और काम को लेकर करते हैं मेहनत
दुनियाभर के लोग उनके देश में जेंडर लेवल सामान होने के बावजूद महिलाओं के जैसे काम और परिवार में संतुलन बनाए रखने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस बात का खुलासा एक अध्ययन में हुआ है।
शोधकर्ताओं ने कई साल 350 से अधिक अध्ययनों से निष्कर्षों की जांच निकाली, जिसमें पूरे विश्व के 250,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल थे।
मुख्य शोधकर्ता क्रिस्टन शॉकली ने कहा, हमने काम और परिवार के विषय पर अनिवार्य रूप से महिलाओं और पुरुषों के बीच अंतर के बहुत कम सबूत पाए। यह रिजल्ट आम जनता की धारणा के विपरीत है। जिस तरह से हम इस बारे में सोचते हैं और जिस तरह इस मुद्दे को मीडिया फ्रेम में प्रस्तुत किया जाता है।

उन्होंने कहां, महिलाएं सुनती हैं कि अन्य महिलाओं को इस मुद्दे से जूझना पड़ रहा है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि वे अधिक काम-परिवार संघर्ष का अनुभव करेंगी। इसके लिए कुछ सामाजिककरण महिलाओं के लिए पुरुषों के मुकाबले अधिक बात करने के लिए ठीक है।
कुछ पिछले शोध में यह पाया गया है कि पुरुषों अक्सर काम-परिवार की चिंताओं पर सहज चर्चा नहीं करते हैं, क्योंकि उन्हें उनकी मर्दानगी या नकारात्मक कारगर नतीजों से डर लगता है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह पुरुषों को नुकसान पहुंचा रहा है, जो चुपचाप संघर्ष कर रहे हैं और समान कार्य-परिवार संघर्ष का सामना कर रहे हैं, लेकिन कोई इसे स्वीकार नहीं कर रहा है।'
हाल के वर्षों में, पुरुष भी तेजी से छोटे बच्चों के लिए प्राथमिक देखभाल करने वाले पिता बन गए हैं। वे औसतन अधिक समय अपने बच्चों की देखभाल और घर के काम को पूरा करने के खर्च कर रहे हैं। हालांकि महिलायें अभी भी दोनों कार्यों पर अधिक समय बिताती हैं।
अध्ययन में इस बात का पता चला कि माताओं ने पिता के मुकाबले काम के साथ थोड़ा अधिक पारिवारिक हस्तक्षेप की सूचना दी।
दोहरी कमाई वाले जोड़ों में पुरुषों ने परिवार के साथ थोड़ा अधिक काम करने की दिक्कत जाहिर की, जैसा कि महिलाओं को था।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications