Latest Updates
-
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने
रिसर्च: सिर्फ महिलाएं ही नहीं मर्द भी घर और काम को लेकर करते हैं मेहनत
दुनियाभर के लोग उनके देश में जेंडर लेवल सामान होने के बावजूद महिलाओं के जैसे काम और परिवार में संतुलन बनाए रखने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इस बात का खुलासा एक अध्ययन में हुआ है।
शोधकर्ताओं ने कई साल 350 से अधिक अध्ययनों से निष्कर्षों की जांच निकाली, जिसमें पूरे विश्व के 250,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल थे।
मुख्य शोधकर्ता क्रिस्टन शॉकली ने कहा, हमने काम और परिवार के विषय पर अनिवार्य रूप से महिलाओं और पुरुषों के बीच अंतर के बहुत कम सबूत पाए। यह रिजल्ट आम जनता की धारणा के विपरीत है। जिस तरह से हम इस बारे में सोचते हैं और जिस तरह इस मुद्दे को मीडिया फ्रेम में प्रस्तुत किया जाता है।

उन्होंने कहां, महिलाएं सुनती हैं कि अन्य महिलाओं को इस मुद्दे से जूझना पड़ रहा है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि वे अधिक काम-परिवार संघर्ष का अनुभव करेंगी। इसके लिए कुछ सामाजिककरण महिलाओं के लिए पुरुषों के मुकाबले अधिक बात करने के लिए ठीक है।
कुछ पिछले शोध में यह पाया गया है कि पुरुषों अक्सर काम-परिवार की चिंताओं पर सहज चर्चा नहीं करते हैं, क्योंकि उन्हें उनकी मर्दानगी या नकारात्मक कारगर नतीजों से डर लगता है।
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह पुरुषों को नुकसान पहुंचा रहा है, जो चुपचाप संघर्ष कर रहे हैं और समान कार्य-परिवार संघर्ष का सामना कर रहे हैं, लेकिन कोई इसे स्वीकार नहीं कर रहा है।'
हाल के वर्षों में, पुरुष भी तेजी से छोटे बच्चों के लिए प्राथमिक देखभाल करने वाले पिता बन गए हैं। वे औसतन अधिक समय अपने बच्चों की देखभाल और घर के काम को पूरा करने के खर्च कर रहे हैं। हालांकि महिलायें अभी भी दोनों कार्यों पर अधिक समय बिताती हैं।
अध्ययन में इस बात का पता चला कि माताओं ने पिता के मुकाबले काम के साथ थोड़ा अधिक पारिवारिक हस्तक्षेप की सूचना दी।
दोहरी कमाई वाले जोड़ों में पुरुषों ने परिवार के साथ थोड़ा अधिक काम करने की दिक्कत जाहिर की, जैसा कि महिलाओं को था।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications