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कम उम्र में बाल सफ़ेद होने को ना करें अनदेखा, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
बाल सफ़ेद होना आमतौर पर बढ़ती उम्र की निशानी है और अधिक उम्र वाले ज्यादातर लोग इसकी परवाह नहीं करते हैं। लेकिन अगर आप कम उम्र के हैं और कम उम्र में भी आपके बाल सफ़ेद होने लगे हैं तो यह एक समस्या है।
कई बार आनुवांशिक कारणों की वजह से बाल सफ़ेद होते हैं लेकिन अधिकतर मामलों में आपके खानपान और लाइफस्टाइल के कारण ये सफ़ेद होने लगते हैं।

इसके अलावा शरीर में हुई कुछ अंदरूनी बीमारियों के कारण भी ऐसा होने लगता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके बाल सफ़ेद होने के सही कारणों का पता लगायें और उसका इलाज करें।
इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में बता रहे हैं जिनकी वजह से बाल सफ़ेद होने लगते हैं।

दिल से जुड़ी बीमारियां :
अगर आप यंग है उसके बावजूद आपके बाल बहुत तेजी से सफ़ेद हो रहे हैं तो एक बार कार्डियोलॉजिस्ट से अपनी जांच ज़रूर करवा लें। वैज्ञानिकों के अनुसार यह इस्केमिक हार्ट डिजीज का लक्षण है। इस बीमारी के वैसे भी शुरुवाती लक्षण बहुत कम होते हैं इसलिए ये लक्षण दिखते ही आप अपना चेकअप ज़रूर करवा लें।

ऑटोइम्यून कंडीशन :
एलोपेसिया ऐरेटा नामक ऑटोइम्यून डिजीज के कारण भी बालों का रंग सफ़ेद होने लगता है। इससे पीड़ित लोगों के सिर में छोटे, गोल शेप में पैच पड़ जाते हैं और धीरे धीरे उन हिस्सों से बाल गायब होने लगते हैं। इसलिए बाल सफ़ेद होने की समस्या को अनदेखा न करें।

विटामिन डी3 और बी12 की कमी :
बालों को सफ़ेद होने से बचाने के लिए आपको अपनी डाइट में अधिक से अधिक हेल्दी चीजों का सेवन करना चाहिये। ऐसा इसलिए क्योंकि विटामिन डी-3 की कमी से मेलानिन का उत्पादन कम होने लगता है जिससे बालों का रंग परिवर्तित होने लगता है। इसी तरह शरीर में विटामिन बी-12 की कमी से भी बाल सफ़ेद होने लगते हैं।

स्मोकिंग :
जो लोग बहुत अधिक मात्रा में धूम्रपान करते हैं उनके बाल बहुत जल्दी सफ़ेद होने लगते हैं। कई शोधों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि अधिक सिगरेट पीने वालों के बाल तेजी से सफ़ेद होने के साथ ही तेजी से झड़ने भी लगते हैं।

स्ट्रेस :
आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि जो लोग बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं उनके बाल भी तेजी से सफ़ेद होते हैं। इसलिए अगर आप बहुत तनाव में रहते हैं तो योग और मेडिटेशन की मदद से स्ट्रेस दूर करें।

हार्मोन में बदलाव :
शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण भी शरीर और बालों का रंग रूप बदलने लगता है। खासतौर पर 30 की उम्र के आस पास शरीर में ऐसे बदलाव होते हैं जिनकी वजह से बाल सफ़ेद होते हैं। इसे अनदेखा न करें बल्कि नजदीकी डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं।

पेरोक्साइड :
आपके बालों से थोड़ी मात्रा में हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उत्सर्जन होता है और यह बिल्कुल ही सामान्य बात है। जब यह अधिक मात्रा में इकठ्ठा होने लगता है तो इसकी वजह से भी बालों का कलर उतरने लगता है और वे सफ़ेद होने लगता है।



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