सावधान! अगर दांतों को रगड़ - रगड़ कर साफ करते हैं तो पढ़ें इसके नुकसान

By Aditi Pathak

हम सभी को डेंटिस्‍ट सलाह देते हैं कि दिन में कम से कम दो बार ब्रश जरूर करना चाहिए, ताकि आपके दांत हमेशा स्‍वस्‍थ बने रहें। ऐसा करने से दांतों पर जमा होने वाली गंदगी हट जाती है।

हालांकि, दांतों को सही तरीके से ब्रश करना भी बेहद जरूरी होता है। अगर आप दांतों को अच्‍छे से ब्रश नहीं करते हैं तो दांत जल्‍द ही खराब होने लगते हैं। जल्‍दी-जल्‍दी ब्रश करना सही नहीं होता है। जानिए इस बारे में कुछ बातें:

दंतों की सफाई पर कोई असर नहीं पड़ता

दंतों की सफाई पर कोई असर नहीं पड़ता

दांतों पर जल्‍दबाज़ी में ब्रश करना सही नहीं होता है। इससे दांत अच्‍छी तरह साफ नहीं होते हैं।

मसूडों को पहुँचता है नुकसान -

मसूडों को पहुँचता है नुकसान -

दांतों पर कसकर ब्रश करने से मसूडे और दांतों को नुकसान पहुँचता है। अगर आप ब्रश को कठोरता से दांतों पर रगड़ेंगे तो दांतों को नुकसान पहुँचता है। ऐसा करने से मसूडे भी छील जाते हैं।

एंग्‍ल्‍ड हैंडल वाले ब्रश का इस्‍तेमाल

एंग्‍ल्‍ड हैंडल वाले ब्रश का इस्‍तेमाल

अगर आप दांतों को तेजी से ब्रश करते हैं तो उन पर दबाव पड़ता है। इसलिए हल्‍के हाथों से अच्‍छे और नरम ब्रश से दांतों को साफ करना चाहिए। आप चाहें तो एंग्‍ल्‍ड हैंडल वाले ब्रश का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं।

सवेंदनशीलता -

सवेंदनशीलता -

दांतों को सही से साफ न करने पर सेंसटिविटी बढ़ जाती है और वो ठंडा या गर्म खाने पर दर्द करने लगते हैं।

 कीटाणु का न मरना-

कीटाणु का न मरना-

अगर आप तेजी से ब्रश करते हैं तो मुँह के कीटाणु मरते नहीं हैं। इसके अलावा, दांतों को कभी भी ऐसे साफ नहीं करना चाहिए कि मसूडें छील जाएं और ऊपरी त्‍वचा पर चोट आ जाएं।

प्‍लाक का न हटना -

प्‍लाक का न हटना -

अगर आप तेजी से ब्रश करते हैं तो दांतों पर जमा प्‍लाक सही से नहीं निकलता है। ऐसे में दांतों पर गंदगी जमती ही जाती है और वो पीले दिखने लगते हैं।

45 डिग्री वाले ब्रश का करें इस्‍तेमाल -

45 डिग्री वाले ब्रश का करें इस्‍तेमाल -

कभी भी सस्‍ते ब्रश का इस्‍तेमाल न करें। ऐसे ब्रश का इस्‍तेमाल करें जो लचकदार हो और झुक जाएं जिससे दांतों की भीतरी गंदगी भी ब्रश अच्‍छी तरह साफ कर पाएं।

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