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योग करने की सही उम्र क्या है? शुरुवाती दिनों में करें ये 5 आसान योगासन
नियमित रूप से योगा करने से आपकी इम्युनिटी पॉवर मजबूत होती है साथ ही आपकी फोकस करने की क्षमता भी बढती है।
अगर आपको लम्बी उम्र तक खुद को फिट रखना है तो योग का सहारा लेना ही पड़ेगा। अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ अच्छी डाइट से आप हमेशा फिट रहेंगें तो ऐसा नहीं है। योग करना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए ही बहुत ज़रूरी है।
नियमित रूप से योगा करने से आपकी इम्युनिटी पॉवर मजबूत होती है साथ ही आपकी फोकस करने की क्षमता भी बढती है। इसके अलावा इन आसनों को करने से आपका ब्लड फ्लो नियंत्रित रहता है और धीरे धीरे आपकी स्टैमिना बढ़ने लगती है।

कई लोगों के मन में ये दुविधा रहती है कि आखिर योग शुरू करने की सही उम्र क्या है? हमने इस बारे में एक्सपर्ट से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि 12-13 साल की उम्र से योग करना शुरू कर देना चाहिए और शुरुवात कुछ आसान योगासनों से करनी चाहिए।
इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही आसान योगासन बता रहे हैं जो किसी को भी योग के शुरुवाती दिनों में अपनाने चाहिए।

1- शवासन (Savasana) :
एक चटाई लें और उस पर सीधे लेट जायें। अपने दोनों पैरों के बीच में थोडा गैप बना लें। अपने हाथो को दोनों साइड में ऐसे रखें जिससे हथेलियों का मुंह ऊपर छत की तरफ हो। अब अपनी आंखें बंद करके कुछ देर गहरी गहरी सांसे लें। अपनी आती जाती सांसों पर पूरा फोकस करें और इस पोजीशन में कुछ देर तक लेटे रहें। कुछ देर अपनी आँखें खोलें और नार्मल पोजीशन में आ जायें।

2- बालासन (Child Pose) :
नीचे फर्श पर घुटनों के बल खडें हो जायें। अब अपने शरीर को आगे की तरफ झुकाएं जिससे सारा भार आपकी जांघों पर रहे। अब अपने सिर को नीचे जमीन पर स्पर्श कराएं। इस पोजीशन में आपका सीना आपकी जाँघों से चिपका हुआ होना चाहिए और हाथो को दोनों साइड में रखें। अब हाथो को और पीछे की तरफ ले जायें जिससे स्पाइन में खिंचाव महसूस हो। कुछ देर इसी पोजीशन में बने रहें और फिर वापस सामान्य पोजीशन में आ जायें।

3- सेतु बंध सर्वांगासन (Bridge Pose) :
नीचे जमीन पर सीधे पीठ के बल लेट जायें। अब अपने घुटनों को मोड़ लें और दोनों पैरो के बीच गैप बना लें। हाथों को दोनों साइड में हथेलियों को नीचे मुंह करते हुए रखे। इस पोजीशन में बने हुए गहरी सांसे लें और फिर अपनी पीठ को जमीन से ऊपर उठायें। इसके लिए अपनी हथेलियों से जमीन पर दवाब डालें। अब अपने पूरे धड़ को ऊपर उठाने की कोशिश करें और जब आपकी ठुड्डी आपके सीने को टच करने लगे तो उसके बाद शरीर को और ऊपर न उठायें। इस पोजीशन में बैलेंस बनाते हुए कुछ देर तक रुके रहें और फिर नार्मल पोजीशन में आ जायें।

4- भुजंगासन (Cobra Pose) :
इसके लिए पेट के बल लेट जायें और हाथो को साइड में रखें। अपनी कोहनियों को मोड़ें और हथेलियों को सीने के पास लायें। इस पोजीशन में आपकी कोहनियां जमीन से उठी हुई होनी चाहिए। अब गहरी सांस अंदर लें और हथेलियों पर दवाब बनाते हुए शरीर को आगे की तरफ से उठायें। हथेलियों पर जोर लगाते हुए लगभग नाभि तक के हिस्से को ऊपर उठा लें और आपका सिर ऊपर की तरफ होना चाहिए। इस पूरी प्रक्रिया में घुटने बिल्कुल सीधे और जमीन से चिपके हुए होने चाहिए। इस पोजीशन में बने रहते हुए कुछ देर सांसे लें और फिर वापस नार्मल पोजीशन में आ जायें।

5- अधो मुख स्वानासन (Downward Facing Dog Pose) :
पहले सीधे खड़े हो जायें और फिर कमर को नीचे झुकाते हुए हथेलियों को जमीन से टच कराएं। इस पोजीशन में आपकी आकृति बिल्कुल त्रिभुज जैसी होनी चाहिए। घुटने और कोहनी को बिल्कुल सीधा रखें। अब गहरी सांसे लें और हिप्स को ऊपर उठाने की कोशिश करें। इस पोजीशन में आपके पैरों के तलवे और हिप्स एक दूसरे के सामानांतर होने चाहिए।
हथेलियों से जमीन पर दवाब बनाते हुए कंधों को फैलाने की कोशिश करें और सिर को दोनों बीच में रहने दें। इस पोजीशन में आपकी आंखें नीचे जमीन की तरफ होनी चाहिए। इसी पोजीशन में कुछ देर तक बने रहें और फिर वापस शुरुवाती पोजीशन में आ जायें।



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