मिट्टी के तवे पर बनी रोटी खाने के है कई फायदे, गैस से लेकर कब्‍ज की कर दे छुट्टी

Benefits of making Roti in clay tawa | मिट्टी के तवे पर बनी रोटी खाने के फायदे | Boldsky

बदलते समय के साथ हमारे मॉड्यूलर किचन में कई आधुन‍िक इक्‍यूपमेंट ने जगह ले ली है। धीरे-धीरे घरों में से पारम्‍पारिक बर्तनों का नामों न‍िशान मिटते जा रहे हैं। अब बात तवे की ही बात कर लीजिए। आजकल कई घरों में रोटीमेकर जैसी मशीन देखने को मिल जाती है, जिसमें झटपट रोटी बन जाती है। इसके बाद लोहे और एलूमिनियम का तवा तो होता ही है। लेकिन क्‍या आपने मिट्टी के तवे में बनी रोटियां खाई है?

बड़े-बुर्जुग कहते हैं कि मिट्टी के बर्तन में बना खाना खाने से कई फायदे हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि खाने को आग के ऊपर धीरे-धीरे पकना चाहिए। लेकिन स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन में यह संभव नहीं है, जबकि मिट्टी के बर्तन में खाना हल्की आंच पर आराम से बनाया जाता है। इससे खाना स्वादिष्ट और पौष्टिक बनता है। वैसे ही मिट्टी के तवे में सिंकी हुई रोटियां खाने में स्‍वादिष्‍ट तो लगती ही हैं साथ ही पौष्टिक भी लगती हैं।

benefit of making roti on traditional clay tawa

आइए जानते है मिट्टी के तवे में सिंकी हुई रोटियां खाने के फायदें।

मिट्टी का तवा क्‍यों?

माना जाता है कि मिट्टी के तवे में रोटी बनाने से आपके एक भी पोषक तत्व नष्ट नहीं होते है। जबकि एल्यूमीनियम के बर्तन में बने खाने में 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। पीतल के बर्तन में खाना बनाने से इसमें से 7 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। साथ ही कांसे के बर्तन में बने खाने में से 3 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। केवल मिट्टी के बर्तन में बने खाने में 100 प्रतिशत पोषक तत्व होते हैं। प्रेशर कुकर या कड़ाही, किसमें खाना बनना होता है हेल्‍दी?

गैस से राहत

मिट्टी के तवे पर बनी रोटी स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है. आटा मिट्टी के तत्वों को अवशोषित कर लेता है, जिससे इसकी पौष्टिकता बढ़ जाती है। साथ ही इसमें मौजूद सभी तरह के प्रोटीन शरीर की खतरनाक बीमारियों से रक्षा करता है।

स्वादिष्ट और पौष्टिक

मिट्टी के तवे पर बनी रोटी स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है. आटा मिट्टी के तत्वों को अवशोषित कर लेता है, जिससे इसकी पौष्टिकता बढ़ जाती साथ ही इसमें मौजूद सभी तरह के प्रोटीन शरीर की खतरनाक बीमारियों से रक्षा करता है।


नहीं जलती है रोटी

मिट्टी के तवे को गर्म होने में समय लगता है, इसल‍िए एक बार ये गर्म हो जाएं तो इसमें रोटी सेंकते समय ये जलती नहीं है। और काफी समय तक रोटियां खराब भी नहीं होती है। क्या कुल्हड़ में चाय पीना शरीर के लिए फायदेमंद है?

कब्ज से राहत

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती जीवनशैली के बीच कब्ज की समस्या आम हो गई है। जिस व्यक्ति को कब्ज की परेशानी हो उसे तवा पर बनी रोटी खाने से आराम मिलता है. कुछ समय तक लगातार ऐसा करने से कब्ज में राहत मिलती है।
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ध्‍यान रखें ये बातें
मिट्टी के तवे को तेज आंच पर रखने से वो चटक जाते हैं। इसे लिए इस्तेमाल करते समय इस बात का ध्यान रखें। इसके साथ ही गर्ण तवे में पानी का इस्तेमाल न करें। इससे वो चटक जाएगा। रोटी बनाने के बाद इसे साफ कपड़े से पोछ लें। साबुन का इस्तेमाल न करें। मिट्टी का तवा साबुन अवशोषित कर लेता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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