आपको भी बैठे रहने की है लत, कहीं आप 'सिटिंग डिजीज' के शिकार तो नहीं?

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लोगों में धीरे धीरे बैठे रहने की लत बढ़ती जा रही है। ऐसा हाल ही में एक रिसर्च में सामने आया है कि जरुरत से ज्‍यादा बैठे रहना स्‍वास्‍थय के ल‍िए हान‍िकारक साबित हो सकता है, अगर आप रोजाना व्‍यायाम भी करते हैं इसके बावजूद भी। जरुरत से ज्‍यादा 'पॉटेटो काउच' बनना स्‍वास्‍थय के हानिकारक साबित हो सकता है। रिसर्च में साबित हुआ है कि जो लोग खड़े रहने से ज्‍यादा बैठना पसंद करते हैं वो लोग अमूमन कम जीते हैं।

खुद ही सोचिए एक बार पूरे दिन में आप कितनी देर तक बैठे रहते हैं? दिनभर में आप कम्‍प्‍यूटर के सामने कितने घंटे बिताते है, ड्राइव करते वक्‍त, टीवी देखते वक्‍त और कोई घरेलू काम करते हुए? हर काम के ल‍िए बैठ जाने के इस लत को 'सीटिंग डिजीज' कहते हैं।

Do You Have Sitting Disease?

सीट‍िंग डिजीज के बहुत नुकसान है जो आपको भविष्‍य में बीमार कर सकते हैं।

ज्‍यादा देर तक बैठने के नुकसान

सिर पर असर

लम्बे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने से शरीर में खून के थक्के बन सकते हैं। इस रक्त के दिमाग तक पहुंचने से यह स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

गर्दन पर असर

पूरे दिन एक जगह पर बैठे रहने से टांगों में इकट्ठा हुआ तरल गर्दन तक पहुंच जाता है। जिसकी वजह नींद में सांस का रुकने की बीमारी हो सकती है। इसके साथ ही गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव होने की समस्या हो सकती है।


लंग और हार्ट पर असर

ज्‍यादा देर तक बैठे रहने से आप में पल्मोनरी एम्बोलिज्म यानी लंग में खून के थक्के जमने की संभावना दोगुना हो जाती है। जिसकी वजह से दिल का रोग और डायबिटीज़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

पीठ पर असर

लम्बे समय तक लगातार बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर काफी दबाव पड़ता है। दबाव की वजह से मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं। ऐसे में रीढ़ की हड्डी के मानकों पर संकुचन पैदा होती है और एकदम से खड़े होने पर यह चोट का कारण बन सकती हैं।

पेट पर असर

ज्यादा देर तक बैठने से मोटापा और कोलोन कैंसर की समस्‍या हो सकती है। मांसपेशियों की रक्त वाहिनियों में मौजूद एंजाइम चर्बी के कम या बंद होने के लिए जिम्मेदार होते हैं, जिससे शरीर के चयापचय संबंधी ईंधन यानी ऊर्जा में दिक्कत पैदा होती है।


सिट‍िंग डिजीज से लड़ने के तरीके

स्‍ट्रेच, टर्न और बेंड

स्‍ट्रेचिंग, टर्निंग और बेंडिग के ल‍िए आप रोजाना 10 मिनट का एक लक्ष्‍य बना लें। स्‍ट्रेचिंग करने से आपके पूरे शरीर में गतिविधि होने के साथ ही ये मसल्‍स को क्रेम्पिंग से बचाता है। द‍िन में
पांच से छह बार ये एक्‍सरसाइज करने से आपका शरीर सीटिंग डिजीज से पूरी तरह लड़ता है।

लंच वर्कआउट

लंच में एक छोटा सा वर्कआउट आपके ल‍िए बहुत मददगार साबित हो सकता है। लंच के बाद आप गपशप की जगह वॉक पर जा सकते हैं। मिड-ब्रेक के दौरान आप एल‍िवेटर की जगह सीढि़यों से ऊपर और नीचे जा सकते हैं।

स्‍टैंडिंग एक्‍सरसाइज

बैठे रहने की तुलना में कुछ देर खड़े होना भी आपके मसल्‍स को कम करने के साथ कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। आप खड़े होकर अपने बांहों को और अंगुलियों को स्‍ट्रेच कर सकते हैं। ये आपको आपके द‍िल की बीमार‍ियों से बचाने के साथ ही पीठ में होने वाले दर्द और मेटाबॉलिज्‍म से जुड़ी समस्‍याओं से न‍िजात द‍िलाता है।

कंधे से जुड़ी एक्‍सरसाइज

आप डेस्‍क पर बैठकर कंधों को टोंड करने वाली एक्‍सरसाइज कर सकती हैं। अपने पीठ के विपरीत कुर्सी पर सीधा बैठकर जमीन पर अपने पांवों को टिकाकर अपने हाथों को अपने हथेलि‍यों के साथ सिर के पास से उठाएं और अपनी कोहनी को सीधा रखें। 30 सैकेंड तक इसी मुद्रा में रहें और अब गहरी सांस ले और छोड़े। अब धीरे धीरे अपने हाथों को नीचे रखें और हल्‍की हल्‍की सांस लें। ये एक्‍सरसाइज आपके कंधों के मसल्‍स को मजबूत बनाएंगी।

वॉक करते हुए मीटिंग

अगर आपकी किसी एक शख्‍स के साथ मीटिंग है तो कॉन्‍फ्रेंस हॉल को छोड़कर आप वॉकिंग मीटिंग भी कर सकते है। एक स्‍मॉल पेड के साथ सीट छोडि़ए थोड़ा चलते हुए ही मीट‍िंग कर लें।

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    English summary

    Do You Have 'Sitting Disease'?

    Most of us sit for more than half of our waking hours—an amount researchers say is too much.
    Story first published: Thursday, August 9, 2018, 10:54 [IST]
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