Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
स्ट्रेस की वजह से सिकुड़ कर छोटा होने लगता है आपका दिमाग!
क्या आप कुछ ज़्यादा ही चिंता करते हैं? क्या आपको अपनी चिंता करने की आदत को छोड़ने के लिए मोटिवेशन की ज़रूरत है? तो शायद ये खबर आपकी मदद कर सकती है। दरअसल, आपका बहुत ज़्यादा चिंतित होना आपके दिमाग के आकार को सिकोड़ देता है।
जी हां, न्यूरोलॉजी में हाल ही में पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक, लगातार स्ट्रेस लेने की वजह से इंसानी दिमाग के ग्रे मैटर का हिस्सा कम हो जाता है। ये वो भाग है जो इंसानों में विचारों, आत्म-नियंत्रण और नयी यादों को विकसित करने के लिए ज़िम्मेदार होती है। मगर ज़्यादा टेंशन लेने की वजह से ये प्रभावित होने लगता है।

क्या कहती है स्टडी
इस स्टडी में लोगों के कोर्टिसोल लेवल की तुलना की गयी। इसके साथ ही उनकी याददाश्त, एकाग्रता और दिमाग के आकार का भी परीक्षण किया गया। इसमें पाया गया कि जिन लोगों में कोर्टिसोल का लेवल ज़्यादा है उनके ब्रेन का आकार, कम कोर्टिसोल लेवल वाले व्यक्तियों के दिमाग के आकार की तुलना में छोटा है। आपको बता दें की कोर्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन होता है। इस स्टडी को साफ़ शब्दों में समझाया जाए तो तनाव आपके ब्रेन के आकार को प्रभावित करता है और उसे छोटा बनाता है।
इसके साथ ही एक दूसरी स्टडी की बात करते हैं जो यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया द्वारा की गयी। इस स्टडी के मुताबिक लगातार स्ट्रेस में रहने से दिमाग में बदलाव आता है और ये एंग्जायटी जैसे डिसऑर्डर को बढ़ावा देता है।

क्या है कोर्टिसोल?
कोर्टिसोल मुख्य स्ट्रेस हार्मोन है और ये स्थिति के अनुसार उससे लड़ने या फिर शांत रहने के लिए बॉडी को प्रेरित करता है। ये हार्मोन एड्रेनल ग्रंथि से स्रावित होता है।

आपको क्या करना चाहिए?
सबसे सरल जवाब है कि आपको अपने स्ट्रेस से ब्रेकअप कर लेना चाहिए। आपको अपने तनाव से दूरी बनाने की कोशिश करनी चाहिए। फिलहाल इस स्टडी पर अभी और रिसर्च किये जाने की ज़रूरत है। लेकिन अपनी ज़िंदगी में रोज़ाना मिलने वाले स्ट्रेस के लेवल को कम करने का विचार बुरा नहीं है। थोड़ा बहुत स्ट्रेस आपके काम को बेहतर बनाने में मदद करता है और ये आपकी परफॉरमेंस को भी अच्छा करता है। कई बार लोग दबाव में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।
ज़िंदगी में तनाव बना ही रहता है, लेकिन आपको ये सुनिश्चित करना होगा कि ये स्ट्रेस आप पर हावी ना हो जाए। ध्यान रहे हम यहां आपके द्वारा पुराने और लगातार लिए जाने वाले स्ट्रेस कि बात कर रहे हैं।

कर सकते हैं ये उपाय
तनाव से दूर रहने की बात सुनना और कहना आसान लगता है लेकिन आप खुद के लिए अपनी पसंद के काम करके इस ओर कदम तो बढ़ा ही सकते हैं। रोज़ाना कुछ वक़्त आप समय निकाल कर ध्यान करके खुद को रिलैक्स करें।
अपनी लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाकर आप सबसे अच्छा काम कर सकते हैं। ये भले ही आपको पुराने ज़माने की बात लगे लेकिन जल्दी सोने जाना और सुबह जल्दी उठना आपके तन और मन को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखेगा। साथ ही प्रोसेस्ड फ़ूड से दूरी बनाए रखने का प्रयास करें।



Click it and Unblock the Notifications











