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National Dengue Day 2018: डेंगू से जुड़े कुछ फैक्ट्स जो आपको मालूम होना जरुरी है
बरसाती मौसम में डेंगू ऐसी बीमारी है जो बहुत ज्यादा फैलती है। दरअसल, डेंगू बारिश में इसलिए भी खतरनाक होता है क्योंकि डेंगू का लार्वा नमी मिलते ही सक्रिय हो जाता हैं। डेंगू, एडीज प्रजाति के मच्छर के काटने से उसके वायरस के संक्रमण के वजह सेहोता है।
खास बात यह है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर गंदे पानी की बजाय साफ पानी में पनपता है। इसलिए बरसात में गमलों, कूलरों, टायर आदि में एकत्रित हुए पानी में यह मच्छर ज्यादा पाया जाता है। इसके अलावा ये मच्छर रात की जगह दिन में काटता है। डेंगू होने से शरीर के इम्यूनिटी पर बहुत फर्क पड़ता है। इसे यदि हड्डी तोड़ने वाली बीमारी कहा जाए तो भी कोई आश्चर्य नहीं होगा। आइए जानते है कि इस डेंगू के चपेट में आने से कैसे बचे।

डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, मसल्स में और हड्डियों में दर्द की शिकायत, शरीर पर लाल चकते पड़ना, सिरदर्द होना और हल्की ब्लीडिंग होना बहुत आम है।
ऐसे फैलता है डेंगू
- डेंगू के सबसे ज़्यादा मामले बरसात के मौसम में देखने में आते हैं
- डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन में काटते हैं।
- डेंगू मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं, जैसे - कूलर के पानी में, रुके हुए नालों में और आस-पास की नालियों में।
- डेंगू कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से हो जाता है।
शिशुओं और बच्चों में डेंगू बुखार के लक्षण
कुछ लोगों में डेंगू होने पर भी इसके कोई लक्षण सामने नहीं आते। शिशुओं और छोटे बच्चों में इसके लक्षण अक्सर हल्के होते हैं। शिशुओं और बच्चों में डेंगू के लक्षणों की शुरुआत आमतौर पर वायरल बीमारी के लक्षणों की तरह ही होती है। शरीर का बढ़ा हुआ तापमान जो कि करीब एक हफ्ते तक रहे, शरीर का तापमान 96.8 डिगी फेहरनहाइट से कम हो।
जानवरों को भी हो सकता है डेंगू
डेंगू वायरल बीमारी है जो कि डेंगू के मच्छर काटने से फैलता है। यह बुखार एडीज मच्छर के एक डंक मारने से भी हो सकता है, सिर्फ इंसान ही नहीं बंदर को भी डेंगू का बुखार हो सकता है। अगर आप डेंगू संक्रमित है और अगर आप किसी को ब्लड डोनेट करते है तो इस वजह से भी आपको डेंगू की बीमारी हो सकती है।
इन बातों का रखे ध्यान
- घर के छोटे-छोटे कोने को साफ रखें, खिड़की-दरवाजों से मच्छर अंदर ना आ पाएं इसके लिए घर पूरी तरह से बंद रखें। घर के आसपास कीटनाशक दवाएं डालें और नाले खाली रखें।
- घर में कहीं भी पानी जमा नहीं होने दें।
- घर में किसी को बुखार दो दिन से है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
खानपान में कौताही बरतें
बारिश के समय ताजे फल और सब्जियां खाएं, बाहर का खाना खाने से बचें। फल और सब्जियां खाने से पहले साफ पानी में पहले अच्छी तरह से धोएं। देर तक कटे हुए फल और सब्जियां ना खाएं। हाथ धोकर खाना खाएं और बासी बिल्कुल ना खाएं। बारिश के मौसम में बहुत सारी सब्जियां या फल स्टोर करके ना रखें बल्कि ताजा फल और सब्जियां खरीद कर लाएं। बारिश के मौसम में बहुत सारी बीमारियां लग जाती हैं साथ ही व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, यानी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है ऐसे में ऑयली खाना खाने से बचें। साथ ही जल्दी पचने वाले भोजन का सेवन करें।
क्या खाएं डेंगू होने पर
पपीता खाएं
पपीते के पत्ते में प्लेटलेट्स को बढ़ाने की भरपूर´ क्षमता होती है। साथ ही साथ यह एंटी-मलेरिया के गुणों से भी भरपूर होता है। इस तरह से यह डेंगू और मलेरिया दोनों से लड़ने में हमारी मदद करता है। दिन में दो तीन बार पपीते का जूस पियें या फिर पपीते की पत्तियों को मिक्सर में डालकर पीस कर इसका जूस बना लें। इस जूस को दिन में दो बार पियें।
पत्तेदार सब्जियां
इनमें विटामिन के की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिस वजह से ये प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करते हैं। पालक और बाकि हरी सब्जियों का अधिक सेवन कुछ ही दिनों में प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ा देता है, सेवन का तरीका : इन पत्तेदार सब्जियों की सलाद बनाकर रोजाना लंच में खाएं।
लहसुन
लहसुन में थ्रोमबोक्सेन ए2 पाया जाता है जो प्लेटलेट्स को बनने में मदद करता है। रोजाना सब्जी बनाते समय उसमें लहसुन की 2-3 कलियां ज़रूर डालें। इसके अलावा सूप बनाने में भी आप लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
पानी पियें
यह बहुत ज़रूरी है कि जब आपके प्लेटलेट्स काउंट तेजी से गिर रहे हों तो उस दौरान आप खूब पानी पीते रहें। साफ़ पानी पीने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और शरीर से खराब टॉक्सिन बाहर बिकल जाते हैं। जिस वजह से प्लेटलेट्स बनने की प्रक्रिया में आसानी हो जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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