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मौसम विभाग ने जारी किया Thunderstorm का अलर्ट, जानिए तूफान में सुरक्षित रहने के Safety Tips

मौसम विभाग ने दिल्ली समेत 13 उत्तरी राज्यों और 2 केंद्र शासित राज्यों में भारी आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी जारी कर लोगों को सजग रहने की सलाह दी है। इसके बाद भी बीते शाम को दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में धूल भरी आंधी आई। बीते दिनों राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई जगह आंधी-तूफान के चपेट में आने से सैकड़ों लोगों की मौत हुई।
यही वजह है कि सरकार ने अलर्ट जारी कर पूर्व में लोगों को सावधान रहने की हिदायत दे दी है। इसलिए आगामी तूफान और बारिश को खतरे को देखते हुए कुछ उपाय और सावधानियों का ख्याल बहुत जरुरी होता है। आज हम आपको छोटी मगर काम के टिप्स बता रहे है कैसे आप आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं और धूल और आंधी में लोग कैसे बीमार होने से बच सकते है।

धूल से होती है एलर्जी
धूलभरी आंधी में घूमने से धूल के कण सांस की नली में जमा हो जाते हैं। धीरे धीरे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है, इसके अलावा धूल से एलर्जी भी हो जाती है। जिसकी वजह से आपको नाक में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ और सोने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है। इन स्थितियों पर डॉक्टर को जरुर दिखाएं।
बुखार
धूल से एलर्जी होने पर मरीज को बुखार चढ़ सकता है और आंखों में जलन हो सकती है, इसकी वजह से आंखों से पानी आना, छीकें आना और कफ बनने की शिकायत हो सकती है।
एक्जिमा या खुलजी
धूल या आंधी के सम्पर्क में आने से एक्जिमा या खुलजी जैसी समस्याओं से भी गुजरना पड़ सकता है।। इसमें त्वचा लाल पड़ जाती है और खुजली होती है। कई बार त्वचा फूल जाती है और खाल निकलने लगती है। अगर आपको ऐसी दिक्कत है तो डॉक्टर से सम्पर्क कर लें।
अस्थमा
जो लोग अस्थमा और दमा के मरीज है, उन्हें तो खासतौर अपना ध्यान रखना चाहिए। आंधी में धूल के छोटे छोटे कणों, रोएं आदि से अस्थमा का अटैक पड़ने की संभावना रहती है। हल्की सी आंधी चलने और धूल मिट्टी के संपर्क में आने के वजह से मरीज को कही भी और कभी भी अस्थमा का अटैक पड़ सकता है। यह जानलेवा होता है। आंधी और धूल से बचकर रहे और ऐसे समय में हमेशा इन्हेलर अपने पास रखें।
तूफान में खुद को सुरक्षित रखने के Safty Tips
- जब भी आपको आंधी-तूफान जैसी स्थिति लगें तो घर से बाहर न जाएं, अगर कहीं आसपास है तो जल्द से जल्द घर आने का प्रयत्न करें। घर के सारे दरवाजें और खिड़कियों को बंद ही रखें। अगर तेज तूफान चल रहा है तो खिड़कियों और दरवाजों के अच्छी तरह बंद करने के बाद इनके आसपास कोई भारी सामान रख दीजिए. ऐसा करने से तेज हवा आने पर झटका लगने से खिड़की-दरवाजे नहीं खुलेंगे।
- मौसम की स्थिति को समझते हुए पक्के मकानों में ही रहें। अगर किसी के पास पक्के मकान नहीं हैं, तो वह स्कूल, सामुदायिक भवन या ऐसे किसी सार्वजनिक स्थलों में सुरक्षा के लिए पनाह ले सकते है।
- जब बिजली कड़क रही हो तो किसी पेड़ या फिर बिजली के खंबों के नीचे न खड़े हों।
- आंधी-तूफान और बारिश की आशंकाओं के बीच घर में जरूरी सामान का बंदोबस्त कर लें। मसलन, टॉर्च, माचिस, रेडिमेड खाने वाली वस्तुएं आदि।
- अगर खिड़की-दरवाजे कांच के हैं तो मोटे पर्दे से उन्हें कवर कर दें, ऐसा करने से कांच टूटने पर सीधे कमरे के अंदर नहीं आएंगे।
- किसी भी तरह के धातु या बिजली के सामान को न छुएं, क्योंकि बिजली के वजह से इसे भारी झटका लग सकता है।
तूफान आते वक्त अगर गाड़ी के अंदर हैं तो ध्यान रहे कि दरवाजे-खिड़की अच्छी तरह बंद कर दें। अगर आप गाड़ी के अंदर हैं तो ऐसी जगह गाड़ी पार्क करें जहां किसी उड़ती हुई चीज के आने का खतरा न हो। इसके अलावा सबसे जरुरी बात, तूफान के वक्त गाड़ी के अंदर रेडियो न चलाएं, क्योंकि रेडियो फिक्वेंसी किरणों की वजह से आप आसमानी बिजली की चपेट में आ सकते हैं।
- तूफान के वक्त नहाने से बचना चाहिए, याद रखिए कि पानी में करंट सबसे तेजी से फैलता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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