Latest Updates
-
Onam 2026: क्यों मनाया जाता है ओणम? जानें इस पर्व का धार्मिक महत्व, कथा और पूजा विधि -
Happy Onam 2026 Wishes: महाबली की कृपा बनी रहे...ओणम पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Eid-e-Milad-Un-Nabi 2026 Wishes: ईद-ए-मिलाद के मौके पर दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजें ये खूबसूरत पैगाम -
रक्षाबंधन 2026: 27 या 28 अगस्त? राखी बांधने का सही समय और शुभ मुहूर्त जानें -
प्रेगनेंसी प्लान कर रहे हैं? फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए फॉलो करें एक्सपर्ट की बताई ये 5 टिप्स -
Bank Holidays 2026: रक्षाबंधन पर बैंक रहेंगे बंद, क्या 25-26 को भी छुट्टी? यहां देखें छुट्टियों की लिस्ट -
IND vs SL: ध्रुव जुरेल का तूफानी शतक, कोलंबो टेस्ट में भारत ने श्रीलंका पर कसा शिकंजा -
Miss Universe India 2026: कौन हैं केजिया लिज मेजो? 19 की उम्र में जीता मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब -
Eid-E-Milad-Un-Nabi 2026: ईद मिलाद-उन-नबी कब है? जानें तारीख, महत्व और कैसे मनाया जाता है ये दिन -
रक्षाबंधन 2026 पर पंचक और चंद्र ग्रहण का साया! राखी बांधना शुभ या अशुभ? जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
Ayurveda: सुबह उठने से लेकर सोने तक इन नियमों को अपनाएं, बीमारियों से छुटकारा पाएं

प्राचीन समय में उठने से लेकर सोने तक हर चीज का एक नियम हुआ करता था, जिस वजह से उस दौरान लोग काफी फिट और हेल्दी रहा करते थे और उनके आसपास बीमारियां मंडराती भी नहीं थी। इन सारे नियमों के बारे में आयुर्वेद में इसका उल्लेख मिलता है। अगर आज भी हम इन नियमों को फॉलो करे तो बीमारियों से कोसो दूर रह सकते हैं।

आयुर्वेदिक तरीके से स्वास्थ्य को बीमारियों से बचाया जा सकता है। हालांकि नए तरीकों को अपनाना आसान नहीं होता है फिर भी अगर आप आयुर्वेद की दिनचार्या पद्धति अपनाने की कोशिश करें तो आपको स्वास्थ्य में कई तरह के परिवर्ततन दिखेंगे। इनके बारे में आयुर्वेद में काफी विस्तार से बताया गया है। अगर हम डेली लाइफ में इन बातों को फॉलो करें तो कई बीमारियों के खतरे से पहले ही बच सकते हैं।

सूर्यादय से पहले उठे
आयुर्वेद कहता है कि अपने दिन को शुरूआत सूरज के उगने से पहले ही करने की कोशिश करेँ। नहीं तो सूरज के साथ ही करें। इस तरीके से आप पूरे दिन को सही तरीके से मैनेज कर पायेंगे। आयुर्वेद में खुद जल्दी उठने वालों को वात कहा जाता है वहीं उठने के लिए अलार्म की जरूरत जिन्हें पड़ती है वो काप होते हैं।

खूब सांस लें
ब्रेकफास्ट करने से पहले आप खाली पेट व्यायाम या योगा करें। ये आपके शरीर को नई ऊर्जा देने के साथ आपके रक्त संचरण को भी बढ़ाता है। खुली हवा में खड़े होकर 5 से 10 मिनट तक
पूरे लंग्स फुलाकर सांस लें। इससे बॉडी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी। साथ ही फेफड़े सही और स्वस्थ बनें रहेंगे।

गुनगुना पानी पीएं
रोज एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीएं, इससे डाइजेशन सुधरेगा और हार्ट डिजीज का खतरा कम होगा।

नाश्ता जरुर करें
आयुर्वेद के अनुसार कभी नाश्ता लेना भूलें, क्योंकि नाश्ता करना हमारी सुबह के हिसाब से पहली प्राथमिकता हैं। नाश्ता 7 से 9 बजे के बीच कर लें। इससे ब्रेन एक्टिव रहेगा और एनर्जी लेवल बना रहेगा।

सही लंच करें
रोज सही समय पर लंच करें। लंच में खाने की वैरायटी पर खास ध्यान दें। एक बार में एक ही तरह के चीज लें। कई चीजें जैसे दूध और दही मिलाकर खाना ऐसी चीजें न खाएं।

खाने के बाद पानी न पीएं
खाना खाने के लगभग 40 मिनट तक पानी न पीएं, ऐसे में खाने का डाइजेशन सही तरह से होगा।

खाना खाने के बाद न नहाएं
खाना खाने के तुरंत बाद मेहनत का काम और नहाना न करें। इसके अलावा खाना खाने के बाद एकदम से सोना भी नहीं चाहिए।

धूप में बिताएं कुछ समय
रोजाना 30 मिनट धूप में बिताएं, इससे आपको विटामिन डी मिलेगा। साथ ही दर्द खत्म होगा और ब्लॉक हटेंगे।

सीधी कमर करके बैठे
अगर आप ताउम्र पीठ के दर्द से नहीं गुजरना चाहते है तो आप सीधी कमर करके बैठे। इससे आगे चलकर आपको कमर दर्द की या रीढ़ की हड्डी की समस्या नहीं होगी।

एक अच्छी नींद जरुर लें
रोजाना 8 से 9 घंटे की नींद जरुर लें। बेडरुम में हवा के लिए सही वेंटिलेशन हो या एग्जॉस्ट फेन का यूज करें।



Click it and Unblock the Notifications