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आंखों में दर्द होने के मुख्य वजह
आंखें हमारे शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक होती हैं और इन्हें थोड़ा सा भी नुकसान हो जाए तो उसके घातक परिणाम हो सकते हैं। अगर आपको आंखों में किसी भी तरह का दर्द या असहजता होती है तो आपको इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए वरना ये भयानक रूप ले सकती है और आपकी आंखों की रोशनी तक जा सकती है।

आंखों में दर्द के प्रकार
आंखों में दर्द को ओप्थल्मालगिया कहते हैं और ये दो प्रकार का होता है :
ऑक्यूलर दर्द : ये आंखों की सतह पर होता है। इसकी वजह से खुजली, जलन आदि होती है। ये तब होती है जब आंखों को कोई चोट लगी हो। इस तरह की समस्या का निदान आई ड्रॉप से किया जा सकता है।
ऑर्बिटल दर्द : ये आंखों के अंदर होता है और इसमें ऐसी समस्या होने पर आपको तुरंत डॉक्टर के पास चैकअप करवाने जाना चाहिए वरना ये कोई गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।
आंखों में दर्द के कारण
बाहरी चीज़ों से दर्द
जब धूल-मिट्टी आंखों में चली जाती है तो इस तरह का दर्द होता है। इसमें जलन, आंखों का लाल होना और आंखों से पानी आता है।
चोट लगना
आंखों में दर्द का प्रमुख कारण चोट लगना होता है। चोट लगना जैसे किसी केमिकल से जलना आंखों में बहुत दर्द करता है। इसके अलावा लगातार ब्लीच या रोशनी के स्रोत जैसे कि सूर्य आदि के संपर्क में रहने से भी आंखों में दर्द होता है।
स्टाई
आंखें में सीबेशियस ग्लैंड को ब्लॉक करने वाले पिंपल को स्टाइ कहते हैं। आमतौर पर ये आंखों के अंदर और आई लिड के किनारे पर होता है। ये कोई गंभीर बीमारी नहीं है बल्कि कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है। इसमें आंख बहुत संवेदनशील हो जाती है और आपको दर्द भी महसूस हो सकता है। आपको इसे हाथ नहीं लगाना चाहिए। ये अपने आप ही ठीक हो जाती है।
कॉन्टैक्ट लैंस से दिक्कत
अगर आप रोज़ कॉन्टैक्ट लैंस पहनते हैं या पूरा दिन पहने रहते हैं तो आपकी आंखों में दर्द हो सकता है। बीच-बीच में लैंसेस को साफ ना करने से आंखों में दर्द रहता है। आंखों में जलन दर्द का कारण बनती है और फिर इससे संक्रमण का खतरा रहता है। पुराने या एक्सपायर हो चुके लैंस पहनने से भी आंखों में दर्द रहता है।
ग्लूकोमा
ग्लूकोमा एक गंभीर बीमारी हे जिसमें आंखें के अंदर बहुत ज्यादा दबाव बनने लगता है और ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। इसमें बहुत दर्द होता है और आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
घर पर आंखों के दर्द का ईलाज
पर्याप्त आराम
अगर आपकी आंखों में किसी भी तरह की जलन या दर्द होता है तो आपको आंखों पर जोर नहीं देना चाहिए और आराम करना चाहिए। टीवी या कंप्यूटर और मोबाइल आदि से दूर रहें वरना इससे आंखें और खराब हो सकती हैं।
वॉटर थेरेपी
आंखों को साफ करने के लिए ठंडे पानी से आंखों को धोएं। इससे आंखों को ठंडक मिलेगी।
अगर आपकी आंखों का दर्द ठीक नहीं होता है तो तुरतं डॉक्टर के पास जाएं और चैकअप करवाएं। खुद से कोई दवा ना लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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