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पुरुषों को बांझ बना सकती है हेपेटाइटिस, भारत में 4 करोड़ लोग पीड़ित
वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे के मौके पर लोगों को जागरुक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के के अनुसार हेपेटाइटिस लीवर में सूजन का कारण बनने के साथ ही यह सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी की वजह भी बन सकता है।
इसके अलावा हेपेटाइटिस से पुरुषों में बांझपन भी हो सकता है। WHO की रिपोर्ट से पता चला है कि हेपेटाइटिस बी वायरस से पीड़ित पुरुषों में बांझपन की सम्भावना करीब 1.59 गुना अधिक बढ़ जाती है। हेपेटाइटिस बी वायरस प्रोटीन शुक्राणु की गतिशीलता और शुक्राणुओं के फर्टिलाइज होने की दर को कम करने के लिए जाना जाता है।

हेपेटाइटिस क्या है?
हैपेटाइटिस लीवर से संबंधित एक संक्रामिक बीमारियों का एक समूह है जो हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी, और ई के रूप में जाना जाता है। हेपेटाइटिस होने पर यकृत (लीवर) में सूजन हो जाती है। यह आगे चलकर यकृत कैंसर का कारण भी बन जाता है।
हेपेटाइटिस के प्रकार?
हेपेटाइटिस ए
यह वायरल इंफेक्शन की वजह से होता हैं। यह इंफेक्शन गंदा और खराब खानपान की वजह से शरीर में फैलता है।
हेपेटाइटिस बी
संक्रमित खून, वीय या किसी तरल पदार्थ के शरीर के सम्पर्क में आने से होता है।
हेपेटाइटिस सी
यह वायरस ब्लड और इंफेक्टेड इंजेक्शन के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंचता हैं।
हेपेटाइटिस डी
यह वायरस सीरियस लीवर डिजीज का कारण बनता हैं। यह शरीर में संक्रमित ब्लड और दूषित तरल पदार्थों के सम्पर्क में आने से होता है।
हेपेटाइटिस ई
दूषित पानी या खाना खाने के कारण।
इसके बचाव
छोटी-छोटी चीजों के जरिए इस वायरस के सम्पर्क में आने से बचा सकता है। जैसे कि खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से जरूर धोएं, फल व सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं, बाजार की बर्फ का इस्तेमाल न करें, हैपेटाइटिस बी का वैक्सीन लगवाएं, स्टरलाइज्ड और नई सूईं का इस्तेमाल करें। असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं। ब्लड किसी मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक से ही लें। यह सुनिश्चित कर लें कि हैपेटाइटिस की स्क्रीनिंग ठीक से हुई है।
भारत में 4 करोड़ हेपेटाइटिस से पीडि़त
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 36 करोड़ से ज्यादा लोग हेपेटाइटिस के गंभीर वायरस से संक्रमित हैं। भारत में 4 करोड़ लोग इस वायरस के संक्रमण से घिरे हुए हैं। हर साल 9 करोड़ लोग हेपेटाइटिस के वायरस की वजह से जिंदगी की जंग हार जाते है।
शुक्राणु के निषेचन दर को करता है तेजी से कम
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार जिन पुरुषों को हेपेटाइटिस बी होता है उनमें बांझपन की सम्भावना 1.59 गुना बढ़ जाती है। वायरस हेपेटाइटिस बी शुक्राणु की एक्टिविटी और शुक्राणुओं की निषेचन की दर कम कर देता है। जिसकी वजह से बांझपन की शिकायत होती है। विशेषज्ञों की मानें तो हेपेटाइटिस वायरस का अंडाशय पर असर नहीं पड़ता है लेकिन पुरुषों में शुक्राणु के बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे शुक्राणुओं की संख्या, टेस्टोस्टेरॉन के स्तर और गतिशीलता में कमी आती है।
एचबीएसएज और एचसीवी टेस्ट जरुर कराएं
विशेषज्ञों के अनुसार इंफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे कपल्स को एचबीएसएजी (HBSG ) और एचसीवी (HCV ) टेस्ट करवाना चाहिए, इससे प्रजनन क्षमता के बारे में स्पष्ट रुप से समस्या का मालूम कर इलाज करवाया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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