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World Malaria's Day: नींबू, नीम और तुलसी जैसी घरेलू औषधियां बचाएंगी मलेरिया से..
मौसम का रुख बदलते ही मच्छरों की संख्या बहुत बढ़ जाती है, मच्छरों के काटने से बहुत सारी बीमारियों के होने का खतरा रहता है, जिनमे से सबसे मुख्य है मलेरिया। जलवायु परिवर्तन के चलते लगातार तापमान बढ़ रहा है और इसी के साथ मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक़ तापमान बढ़ने के कारण मलेरिया के मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है।
मलेरिया होने पर ठण्ड के साथ तेज बुखार आता है जिसके कारण व्यक्ति बहुत कमज़ोर हो जाता है, इसलिए बदलते मौसम में खुद का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है थोड़ी सी भी लापरवाही आपको मलेरिया के चपेट में ले सकती है। पर आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा आरहे है जिनके इस्तेमाल से आप बहुत जल्द ही मलेरिया के बुखार से राहत पा सकते है।

तुलसी की चाय
मलेरिया की बीमारी में तुलसी की चाय का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है. अगर आपको मलेरिया के कारण बुखार आ गया है तो ऐसे में तुलसी, लौंग और काली मिर्च की चाय का सेवन पीएं।

नीम
नीम कड़वी होने के साथ साथ, इसमें कई तरह के औषधीय तत्व भी होते हैं। इससे कई तरह के रोगोँ का इलाज भी किया जाता है खास तौर पर इसकी छाल को मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगोँ के इलाज मेँ प्रयोग किया जाता है। नीम की पत्तियां, तुलसी के पत्ते और 1 चम्मच नींबू के रस को एकसाथ मिलाकर चटनी बनाकर सुबह और शाम खाने से मलेरिया के बुखार में लाभ होता है।

अदरक
मलेरिया से बचाव के लिए अदरक एक सामान्य और चर्चित उपाय है। मलेरिया का बुखार होने पर अदरक को पानी में उबालकर सीरप की तरह पीनें से इम्यून सिस्टम को बढ़ावा मिलता है। अदरक में जिंजरोल एक सक्रिय घटक मौजूद होता है इसमें मौजूद हाइड्रोकार्बन शरीर में एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफलेमटरी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। यह एक बहुत ही इफेक्टिव नेचुरल उपाय है।

फिटकरी
थोडी सी फ़िटकरी तवे पर भूनकर चूर्ण बना लें। आधा चम्मच पाउडर बुखार आने के 3 घंटे पहले पानी से पीएं। बाद में हर दूसरे घंटे पर यह दवा लेते रहने से बुखार खत्म होता है।

दालचीनी और शहद
एक गिलास पानी लें। इसमें एक चम्मच दालचीनी, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर गर्म करें। ठंडा होने पर पीएं, यह अत्यंत लाभकारी नुस्खा है।

नींबू
गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से बुखार की तीव्रता घटने लगती है। इसमें मौजूद मिनरल्स और विटामिंस शरीर को मलेरिया से बाहर निकालने में मदद करते है।

संतरा के ज्यूस
विटामिन सी को इम्यून सिस्टम बढ़ाने के लिए जाना जाता है। और ये मलेरिया के उपचार में कुछ मात्रा में अपना योगदान देता है। मलेरिया के बुखार के दौरान कई लोग अपने आप को हाइड्रेड रखने के लिए संतरे के ज्यूस को पीना पसंद करते है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है।

अंगूर
अंगूर में पाए जाने वाले एक शक्तिशाली पदार्थ, जो क्विनिन के समान होता है, ये सीधे मलेरिया के रोगाणु को निष्क्रिय करने के लिए जाना जाता है। आप इसे अपने डाइट में शामिल करके मलेरिया के प्रभाव से बच सकते है। अंगूर हर जगह आसानी से पाया जा सकता है।


मैथी के बीज
मलेरिया के बुखार में रोगी बहुत ही कमजोरी महसूस करता है। प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने के लिए मैथी के बीज बहुत ही अच्छा उपाय है। मलेरिया से बचने के लिए मैथी की सब्जी, मैथी के बीज की सब्जी या मैथी के बीज को पानी में उबालकर पीने से भी मलेरिया के प्रकोप से जल्दी बाहर निकला जा सकता है।



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