Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व
बार-बार डकार आना भी होता है गंभीर बीमारी का संकेत, जाने कारण
खाने के बाद डकार आना एक तरह से बहुत ही साधारण क्रिया है, जो किसी भी समय आपको आ सकती है। खाने के बाद डकार आने से लोग कई लोग मानते है कि या तो पेट भर गया या तो भी खाना आसानी से पच जाएगा। लेकिन खाने के बाद डकार आने का मतलब है कि खाने के साथ ज्यादा मात्रा में हवा शरीर के अंदर चली गई है। खाने के बाद आपको भी जरुरत से ज्यादा डकार आती है तो कोई हेल्थ इश्यू भी हो सकता है।
दरअसल, खाना खाने के बाद बार-बार डकार आने का मतलब है कि ज्यादा मात्रा में हवा शरीर के अंदर चली गई है। अगर पेट से हवा बाहर न निकले तो यह पेट से संबंधित कई बीमारियां हो सकती हैं।

ज्यादा हवा पेट में चले जाने से आती है डकार
खाना खाने वक्त अगर ज्यादा हवा पेट के अंदर चली जाएं तो डकार आने लगती है। ऐसी स्थिति को ऐरोफेजिया कहते हैं। इस समस्या से बचने के लिए छोटे निवाले लें और मुंह बंद करके धीरे-धीरे खाने को चबा कर निगलें।

कब्ज की शिकायत की वजह से भी
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, जंक फूड, गोभी, मटर, दालें जैसी कई चीजें पेट में गैस बनाती हैं। इन्हें खाने-पीने के बाद ज्यादा डकार आती है। साथ ही, जिनको ज्यादा डकार आती है उनमें से 30 प्रतिशत लोगों को कब्ज की शिकायत होती है। यह समस्या होने पर खाने में पर्याप्त मात्रा में फाइबर को शामिल करें।

इरिटेबल बाउल सिंड्रोम
ज्यादा डकार इरिटेबल बाउल सिंड्रोम का कारण बन सकता है। ये बड़ी आंत पर प्रभाव डालता है। इस बीमारी में रोगी को कब्ज, पेट दर्द, मरोड़ व दस्त आदि हो सकते हैं।

आपका वजन हो रहा है कम
अचानक से कम होते वजन की वजह से भी आपको बार-बार डकार आती है। जिसका मतलब है कि आपका बाउल ब्लॉक हो रहा है। एकदम से आपके वजन होने का मतलब है कि आप अच्छे से भोजन को नहीं पचा पा रहे है। जिसके पीछे किसी तरह की एलर्जी, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और क्रॉनिक जैसी बीमारी भी हो सकती है। लगातार कम होते वजन के साथ लगातार डकार आने का मतलब है कि आपको पेट का कैंसर हैं।

तनाव
तनाव की वजह से भी आपको बार-बार डकार की समस्या हो सकती है। तनाव या किसी बड़े भावनात्मक परिवर्तन का प्रभाव हमारे पेट पर भी पड़ता है। लगभग 65 प्रतिशत मामलों में मूड में किसी बदलाव या तनाव के कारण भी ज्यादा डकार आने का कारण बनता है।



Click it and Unblock the Notifications
