सिर्फ पानी ठंडा कम करने के ल‍िए नहीं वजन भी घटाता है आइस क्‍यूब, जाने कैसे?

अक्सर हम आइस क्यूब का इस्तेमाल खाने में करते है या फिर शर्बत में मिलाकर पीने में करते हैं। इसके अलावा ब्‍यूटी टिप्‍स में भी किया जाता है। कई तरह के ब्‍यूटी टेक्निक में जैसे मसाज और फेसपैक के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब बर्फ का इस्तेमाल सिर्फ ब्यूटी का निखारने में नहीं, फैट लूज करने में भी होने लगता है।

कई रिसर्च में सामने आया है कि अगर बर्फ के टुकड़े को फैट वाले स्थान पर रखते हैं, तो इससे फैट बर्न आसानी से होता है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है आई थेरेपी-

 आइस थेरेपी क्या है?

आइस थेरेपी क्या है?

हम बर्फ का इस्‍तेमाल कोल्‍ड ड्रिंक्‍स और खाने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल ब्यूटी सर्विसेज में भी करते हैं। इसके साथ-साथ बर्फ का इस्तेमाल मसाज में भी किया जाता है। अगर आप अपने फैट को कम करना चाहते हैं, तो अब फैट को बर्न करने के लिए बर्फ का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसे ही आइस थेरेपी कहते हैं।

स्टडी के मुताबिक, शरीर के फैट वाले हिस्से पर बर्फ लगाने से फैट बर्न होता है। आपके शरीर के जिस हिस्से पर एक्सट्रा फैट है, वहां आप बर्फ की मदद से उसे स्लिम और फर्म बना सकते हैं। आइस थेरेपी शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में और टिश्यू को टाइट करने में सहायक होता है।

 कैसे करें उपयोग

कैसे करें उपयोग

जिप लॉक बैग में आइस के कुछ टुकड़ों को रखकर फैट वाली जगह लगाएं। यदि आपके पास जिप लॉक बैग नही है, तो बर्फ के आप इसे कपड़े में लपेटकर भी फैट वाली जगह पर सेंक सकते हैं।

 इस काम में इस्‍तेमाल कर सकते है बर्फ का

इस काम में इस्‍तेमाल कर सकते है बर्फ का

- चोट के कारण होने वाले वाले तेज दर्द को कम करने के लिए

- सूजन को कम करने के लिए

- शरीर के कोमल (tenderness) क्षेत्रों के उपचार के लिए

- मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन होने पर

- अधिक दबाव के कारण होने वाले दर्द में

- डीप वेन थ्रोम्‍बोसिस होने पर

आइस इमर्सन

आइस इमर्सन

इस तरीके का प्रयोग एथलीटों या फिर स्‍पोर्ट्स गतिविधियों में लगे रहने वाले लोगों के लिए किया जाता है। इस तकनीक में पूरे टब में बर्फ के टुकड़े डाले जाते हैं उसके बाद मरीज को उस टब में घुसाया जाता है।

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