70% ज्यादा खतरनाक है कोरोना का नया स्‍ट्रेन, जानें क्‍या है खतरें

कोरोना का खौफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई देशों ने इसकी वैक्‍सीन ईजाद करने का दावा भी कर ल‍िया है बावजूद इसका खतरा टलने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ दिनों में सबको अंदाजा था कि वैक्सीन सफल हो रही हैं तो जल्द ही खतरा टल जाएगा। लेक‍िन हाल ही में ब्र‍िटेन में कोरोना वायरस का नया स्‍ट्रेन के मामले सामने आ रहे हैं। ब्रिटेन में कोरोना वायरस के एक नए प्रकार (स्ट्रेन) से संक्रमण की दर अचानक से बढ़ गई है। जिसे देखते हुए रविवार से सख्त पाबंदियों के साथ लॉकडाउन लागू किया गया है। फिलहाल अचानक से बढ़ी कोरोना संक्रमण की दर के कारण बेल्जियम और नीदरलैंड ने रविवार को यूके से उड़ानें निलंबित कर दीं है।

ब्रिटेन में मिला वायरस का नया रूप

ब्रिटेन में मिला वायरस का नया रूप

वैक्सीन की शुरुआत ब्रिटेन से हुई। लेकिन, अब खतरा भी सबसे पहले ब्रिटेन पर ही है। कोरोना वायरस ने अपना स्ट्रेन बदल दिया है। लंदन में इसे स्पॉट किया गया। क्रिसमस की तैयारियों के बीच ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन आसान भाषा में कहें तो वैरिएंट (नया रूप) सामने आया है।आनन-फानन में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इमरजेंसी लॉकडाउन लागू कर दिया।

वायरस को दिया गया नया नाम

वायरस को दिया गया नया नाम

नए खतरे ने ज़हन में नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सवाल ये कि वायरस की बदली हुई स्ट्रेन पर कोरोना वैक्सीन कितनी इफेक्टिव रहेगी? इस मुद्दे पर विश्वभर के वैज्ञानिक शोध में जुट गए हैं। फिलहाल मुद्दे पर लौटते हैं। वायरस का नया स्ट्रेन- वैज्ञानिकों ने इसे नया नाम VUI-202012/01 दिया है। खुद प्रधानमंत्री जॉनसन ने आशंका जताई है कि वायरस का नया स्ट्रेन 70 प्रतिशत ज्यादा खतरनाक हो सकता है। हालांकि, अभी तक वैसे अभी तक वायरस की नई सीक्वेंसिंग हुई नहीं है और एक्सपर्ट इसे समझने की कोशिश ही कर रहे हैं। नए खतरे को भांपते हुए इतिहास में पहली बार क्रिसमस मनाने की भी छूट नहीं है।

वायरस में हो रहा है म्युटेशन

वायरस में हो रहा है म्युटेशन

एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी भी वायरस में लगातार म्यूटेशन होता रहता है। ज्यादातर वेरिएंट खुद ही म्यूटेट होने के बाद मर जाते हैं, लेकिन कभी-कभी वायरस म्यूटेट होने के बाद पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत और खतरनाक होकर सामने आता है। ये प्रक्रिया इतनी जल्दी होती है कि वैज्ञानिकों को भी समझने और रिसर्च करने में समय लगता है और तब तक वायरस एक बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले चुका होता है। जैसा कि ब्रिटेन समेत कई देशों में दिख रहा है।

नए रूप की पहचान में जुटे वैज्ञानिक

नए रूप की पहचान में जुटे वैज्ञानिक

फिलहाल यह समझने की कोशिश हो रही है कि क्या कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के Genome में बदलाव हुआ है या नहीं? क्योंकि, अगर बदलाव होता है तो वैक्सीन के असरदार होने पर सवाल होगा। हालांकि, अभी तक कोरोना वायरस के जितने भी नए रूप मिले, उनकी जीनोम संरचना में कोई बदलाव नहीं दिखा है। ब्रिटेन में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन पर AIIMS दिल्ली के कोरोना सेंटर हेड डॉ. राजेश मल्होत्रा के मुताबिक, जब से कोरोना वायरस आया है तब से 4 हज़ार बार म्यूटेट कर चुका है। ऐसे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी है। घबराने की नहीं लेकिन, सावधान रहने की जरूरत है। ब्रिटेन में मिला नया स्ट्रेन भारत में नहीं है। सावधानी के तौर पर यूके से आने वाली सभी फ्लाइट्स पर 31 द‍िसम्‍बर तक प्रतिबंध लगा द‍िया गया है।

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