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'अतरंगी रे' मूवी में अतीत के बुरी यादों से जुड़े मेंटल कंडीशन को किया है हाईलाइट, जानें PTSD के बारे में
दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों और इससे जुड़ी बीमारियों के बारे में लोग आज भी खुलकर बात करने से कतराते हैं। जिसके परिणामस्वरूप लोगों की मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विचाराधारा नहीं बदलती है। लेकिन धीरे-धीरे लोगों को मेंटल हेल्थ के प्रति अवेयर करने के लिए फिल्मों सहित कई मुख्यधारा के प्लेटफार्म संवेदनशील तरीके इस विषयों की गहराई को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई हाल ही में रिलीज़ हुई सारा अली खान, धनुष और अक्षय कुमार-स्टारर फिल्म 'अतरंगी रे' मानसिक बीमारी और ट्रोमा विषय से संबंधित है। फिल्म में सारा अली खान 'पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर' को डील करती हुई नजर आती है। ये मेंटल कंडीशन अतीत में हुए किसी बुरी घटना की वजह से होती है जिसकी बुरी यादें दिलोदिमाग पर लंबे समय तक रह जाती है। आइए जानते हैं इस मेंटल कंडीशन के बारे में।

पोस्टट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर
पोस्टट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), जिसे एक बार 'शेल शॉक' या 'बैटल फेटीग सिंड्रोम' भी कहा जाता है, एक गंभीर स्थिति है जो किसी व्यक्ति द्वारा एक दर्दनाक या भयानक घटना का अनुभव करने या देखने के बाद विकसित हो सकती है जिसमें गंभीर शारीरिक नुकसान या खतरा था। PTSD दर्दनाक परीक्षाओं का एक स्थायी परिणाम है जो तीव्र भय, असहायता या आतंक का कारण बनता है। उन चीजों के उदाहरणों में जो PTSD ला सकती हैं, उनमें यौन या शारीरिक हमला, किसी प्रियजन की अप्रत्याशित मृत्यु, दुर्घटना, युद्ध या प्राकृतिक आपदा शामिल हैं। इस डिसऑर्डर के कारण पुरानी बातों का बार-बार याद आना, बुरे सपने आना और ध्यान केंद्रित ना कर पाने जैसी समस्याएं होती हैं।

ये है PTSD के लक्षण
बुरे सपने आना - PTSD के कारण पीड़ित को रात में बुरे सपने आने लगते हैं। जो नींद पर भी बुरा असर डालते हैं।
एक घटना का बार-बार याद आना - जिस घटना का पीड़ित पर बुरा असर हुआ है वह बार-बार याद आती है इस कारण वो इससे बाहर नहीं निकल पाता।
ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना - पीड़ित घटनाक्रम से अपना ध्यान ही नहीं हटा पाता इस कारण वो और किसी चीज पर ध्यान नहीं दे पाता।
चिड़चिड़ापन - इस मेंटल डिसऑर्डर में व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है और किसी से भी ज्यादा बात करना पसंद नहीं करता।
घटना से जुड़ी बातों को इग्नोर करना - जब पीड़ित से कोई घटना के बारे में बात करता है तो वे इस बारे में बात करने के बचने लगता है।
पैनिक अटैक आना - इसमें कई बार पीड़ित को पैनिक अटैक फील होता है। वो फिर से उसी घटना में खो जाता है जिसका उसे आघात पहुंचा है।
चीजों का याद ना रहना - इससे चीजों को याद रखने में परेशानी आने लगती है। क्योंकि पीड़ित के दिमाग में बस बुरी घटना के खयाल ही आते रहते हैं।

ये चीजें करें
- व्यक्ति को अपने नजदीकी रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते रहना चाहिए और उन्हें परेशानी बतानी चाहिए।
- रोजाना एक्सरसाइज करे।
- समय पर नाश्ता और खाना ले।
- पॉजिटिव सोच बनाएं।
- नकारात्मक लोगों से दूरी बनाकर रखें।

ये थैरेपी राहत देती हैं
इस बीमारी का इलाज मनोवैज्ञानिक द्वारा ही किया जा सकता है। यह इलाज लंबे समय तक या फिर जिंदगीभर चल सकता है। इस दौरान मरीज के ट्रीटमेंट के लिए काउंसलिंग, हिप्नोसिस और दवाइयों का सहारा लिया जाता है।
बिहेवियरल थैरेपी : इस थैरेपी में पीड़ित व्यक्ति् से बातचीत करते उसके बिहेवियर को समझा जाता है। साथ ही नकारात्मक विचार का कारण जानकार उसे दूर करने की कोशिश की जाती है।
आघात केंद्रित सीबीटी : इसमें पीड़ित को जिस घटना से इसे आघात पहुंचा है उस बारे में बात की जाती है।
रीप्रोसेसिंग थैरेपी : इसमें पीड़ित को चिकित्सक की अंगुली को देखते हुए अपने आघात के बारे में बातें करने को कहा जाता है। इसे कारगर तरीका माना जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबरों की सूची:
iCall: 9152987821 | सोम-शनि, 8:00 पूर्वाह्न -10:00 अपराह्न
कूज मानसिक स्वास्थ्य फाउंडेशन (सीओओजे): 0832-2252525 | 01:00 अपराह्न - 07:00 अपराह्न | सोमवार से शुक्रवार
फोर्टिस स्ट्रेस हेल्पलाइन: +918376804102 परिवर्तन: +91 7676 602 602 | सुबह 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक | सोमवार से शुक्रवार
कनेक्टिंग ट्रस्ट: +91 992 200 1122 | +91-992 200 4305 | दोपहर 12:00 बजे से शाम 08:00 बजे तक | सप्ताह के सभी दिन
रोशनी ट्रस्ट: 040-66202000, 040-66202001 | 11:00 पूर्वाह्न - 09:00 अपराह्न | सोमवार से रविवार सहाय: 080-25497777 | सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक सोमवार से शनिवार |
[email protected] सुमैत्री: 011-23389090 | भावनाओंसुसाइडल@sumaitri.net | दोपहर 2 बजे- रात 10 बजे सोमवार से शुक्रवार; 10 AM - 10 PM शनिवार और रविवार
संजीवनी: 011-24311918, 24318883 | समय: 10:00 पूर्वाह्न - 5.30 अपराह्न (सोमवार से शुक्रवार)
स्नेहा: 044-24640050 (24 घंटे) | 044-24640060 8 पूर्वाह्न - 10 अपराह्न |
[email protected] लाइफलाइन: [email protected] - 033-24637401 | 033-24637432 | सुबह 10 बजे - शाम 6 बजे।



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